जीएम डामोर के सांसद चुने जाने के कारण उपचुनाव हो रहा है। इससे पहले जून में विजयवर्गीय ने कहा था कि कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुरेश पचौरी ने उनसे कमलनाथ सरकार को गिराने के लिए सम्पर्क किया था।
"इन बच्चों के चेहरे पर मुस्कुराहट लाना मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। जीजी फाउंडेशन को बधाई! हम बलिदानी जवानों के 100 बच्चों की देखभाल करेंगे। उनके पिता ने देश के लिए अपना बलिदान दिया और अब हमारी बारी है।"
नायडू ने माना कि मई 2018 में मोदी सरकार से बाहर होने के फैसले ने इस साल विधानसभा और लोकसभा चुनावों में उनकी पार्टी को बड़ा झटका दिया। उन्होंने कहा कि आंध्र के लिए विशेष दर्जे की माँग को बल देने के लिए उन्होंने यह फैसला लिया था।
मेरा लक्ष्य ग़रीबी मिटाना है। राज्य में गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों की संख्या कम हो रही है। सखी मंडलों से महिलाएँ सशक्त हो रही हैं। हमने पलायन रोका है। योजनाओं का ज़्यादा से ज़्यादा प्रसार करना है।
ममता बनर्जी ने कहा है कि भाजपा त्रिपुरा में माकपा कार्यकर्ताओं पर अत्याचार कर रही है, इसके बावजूद माकपा को बंगाल में बीजेपी का विरोध करने के बजाय उसका साथ दे रही है और तृणमूल कॉन्ग्रेस सरकार की छवि धूमिल करने पर उतारू रहती है।
यह किसी से छुपा नहीं है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को हटाने के लिए स्वरा भास्कर ने सारी हदें पार कर दी थीं, ट्विटर पर लोगों ने स्वरा को टारगेट करके पनौती तक लिख दिया था।
दुर्योधन ने चीरहरण का आदेश दिया। युधिष्ठिर ने बिना कौरवों का नाम लिए घोर आपत्ति जताई और बोले- "ऐसे भी कुछ लोग हैं जो परस्त्रियों को निर्वस्त्र करना चाहते हैं। विश्व समुदाय को इनका संज्ञान लेना होगा। अमेरिका को भी अवश्य इन पर कार्यवाही करनी चाहिए।"
सभासद चौधरी धारा सिंह अपने घर से शुगर मिल ड्यूटी के लिए जा रहे थे। रास्त में चार हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। एक गोली उनके सिर में भी लगी। उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
ज्योतिरादित्य की गिनती भी उन नेताओं में होती है जो राहुल के करीबी रहे हैं। तो क्या अगली बारी उनकी ही है? जिस दौर में नेताओं को निष्ठा बदलने में पल भर की देरी नहीं लगती है, उस वक़्त में ज्योतिरादित्य के लिए तो यह दादी के घर वापसी जैसा ही होगा।