मकान मालिक सुल्तान, उसकी पत्नी मदीना और उनके बेटे सलमान ने गुलिस्तां के साथ मारपीट भी की। घर से न निकलने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। वजह सिर्फ इतनी कि गुलिस्तां ने अपनी मर्जी से भाजपा की सदस्यता ग्रहण की, जिसकी फोटो अखबार में प्रकाशित हुई।
रविवार (जुलाई 7, 2019) को राजधानी दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में भारतीय जनता पार्टी के सदस्यता अभियान के कार्यक्रम में सपना चौधरी बीजेपी की मेंबर बनीं।
आंध्र प्रदेश के भाजपा प्रभारी सुनील देवधर ने दावा किया है कि टीडीपी के 18 विधायक और 30 एमएलसी उनके संपर्क में हैं और वो जल्द बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि टीडीपी अब एक ऐसी पार्टी है, जिसका कोई भविष्य नहीं है, क्योंकि नायडू का भ्रष्टाचार सामने आ चुका है। अगले 2 साल में नायडू जेल जाएँगे।
भाजपा के राज्य इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से गृह मंत्री के पद से तत्काल इस्तीफा देने की माँग करते हुए कहा कि वह राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह नाकाम हो गई हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का संदेश देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने हर बूथ पर भाजपा को मज़बूत बनाने के अलावा भाजपा को सर्व-समावेशी बनाने पर भी जोर दिया है।
टीएमसी नेता जे तिवारी ने कहा, “वे हमला करने के इरादे से आए थे, लेकिन निगम के गेट को छू भी नहीं सके। बाबुल सुप्रियो, अगर तुम भाजपा के बंदर हो, तो हम आसनसोल में तुम्हारे लिए पिंजरा तैयार कर चुके हैं। हम तुम्हारे जैसे बंदरों को अपने पास रखने की क्षमता रखते हैं।”
राजौरी गार्डन से विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने केजरीवाल पर तंज कसते हुए कई जगह पोस्टर लगाए हैं, जिसमें केजरीवाल का कार्टून बना हुआ है और साथ में लिखा हैं, "खुद को सबसे बड़ा ईमानदार बताने वाला निकला सबसे बड़ा लुटेरा, स्कूलों में जो कमरा 5 लाख (रुपए) में बनता है वो बनाया 25 लाख में।"
"यह रोमांचक है कि बीजेपी और इससे संबंधित संस्थाएँ अब शिक्षा व्यवस्था के बारे में सोचना शुरू कर रही हैं। हालाँकि मुझे आश्चर्य हो रहा है कि जिसे थिंंक टैंक कहा जाता है, उसे यह मालूम नहीं है कि दिल्ली सरकार में भर्तियों की जिम्मेदारी BJP के एलजी की है।"
इस पत्र में उसी भावना का इजहार किया गया है जिसका राहुल गाँधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देते हुए किया था। उन्होंने कहा था कि चुनाव के दौरान कॉन्ग्रेस का मुकाबला किसी राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि पूरी सरकारी मशीनरी से था। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं के तटस्थ नहीं होने की बात भी कही थी।