बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को तुरंत मौक़े पर बुलाया गया और टर्मिनल-3 के बाहर की सड़कों को अवरुद्ध कर दिया गया। विशेष सेल और ख़ुफ़िया ब्यूरो ने जाँच शुरू कर दी......
इस मामले में 31 लोग आरोपी हैं। इनमें से 19 ने 12 अगस्त को अदालत के सामने अपना जुर्म कबूल करने की इच्छा जताई थी। इन्होंने बुधवार को अपना कबूलनामा अदालत में दाखिल कर दिया। इन्हें शुक्रवार को सजा सुनाई जाएगी।
"मनमपति में मंदिर के पास एक टैंक से गाद निकाला जा रहा था। इसी दौरान वहाँ के मजदूरों को एक अज्ञात वस्तु मिली। उन्होंने उसे खोलने की कोशिश तो वह फट गया, जिसमें के. सूर्या नामक एक शख्स की मौत हो गई और 5 अन्य लोग घायल हो गए।"
शादी समारोह में एक हजार से ज्यादा लोग मौजूद थे। फिदायीन हमलावर ने शादी के स्टेज के पास खुद को उड़ा लिया। हमले की जिम्मेदारी फिलहाल किसी ने नहीं ली है। लेकिन, जिस इलाके में धमाका हुआ है वहॉं अल्पसंख्यक शिया हजारा समुदाय के लोग काफी संख्या में रहते हैं।
मथुरा में कृष्ण जन्मस्थान मंदिर और वृंदावन के प्रेम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इस धमकी के बाद दोनों मंदिरों की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। सूचना मिलते ही भारी पुलिस फोर्स दोनों मंदिरों में तैनात किया गया। लोगों की चेकिंग और सख्त...
शुक्रवार की शाम को बारिश के साथ आकाशीय बिजली के साथ गिरी आकाशीय बिजली के सम्पर्क में आने से सड़क पर बिछाए गए सभी 56 IED बम ब्लास्ट हो गए। इतनी भारी मात्रा में IED बिछाने का मक़सद किसी बड़ी घटना को अंजाम देना था।
जनरल बशीर अब्दी मोहम्मद ने मोगादिशू में पत्रकारों को बताया कि पहला कार बम धमाका राष्ट्रपति भवन के नजदीक सुरक्षा चौकी पर हुआ जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई। दूसरा कार बम धमाका हवाई अड्डे के नजदीक सुरक्षा चौकी पर हुआ जिसमें चालक और उसके साथी की मौत हो गई।
अदालत ने इन आरोपितों के संदर्भ में कहा था कि NIA द्वारा एकत्र किए गए सबूतों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि ये सभी आरोपी, फरार अभियुक्तों के साथ बम तैयार करते थे, जो 8 सितंबर 2006 को मालेगाँव में लगाए गए।
विस्फोट दोपहर को करीब 01:20 मिनट पर हुआ। पुलिस प्रवक्ता फिरदौस फरामर्ज ने रैहान के मारे जाने की पुष्टि की और कहा कि जाँचकर्ता विस्फोट की प्रकृति की जाँच कर रहे हैं।
गढ़चिरौली में नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट से सुरक्षा बलों को निशाना बनाया। इस हमले में 15 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए। यह घटना तब हुई जब गढ़चिरौली के घने जंगलों के बीच से सी 60 कमांडो यूनिट का दस्ता गुजर रहा था।