कुशीनगर मस्जिद धमाका: विस्फोट का मास्टरमाइंड हाजी कुतुबुद्दीन गिरफ्तार, आतंकियों से जुड़े हैं तार!

मस्जिद में ब्लास्ट के बाद 4 मौलानाओं को गिरफ्तार किया गया था। जिसमें मस्जिद के मौलाना अजीमुद्दीन ने कुतुबुद्दीन को मास्टर माइंड बताया था।

कुशीनगर के बैरागीपट्टी गाँव में मस्जिद में हुए बम ब्लास्ट के मास्टर माइंड हाजी कुतुबुद्दीन को पुलिस ने गुरुवार (नवंबर 15, 2019) को गोरखपुर से गिरफ्तार कर लिया। मस्जिद में हुए विस्फोट के लगभग 66 घंटे बाद मास्टर माइंड हाजी कुतुबुद्दीन पुलिस के हत्थे चढ़ा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कुतुबुद्दीन ने पुलिस के सामने विस्फोट से जुड़े कई राज खोले हैं। जिन्हें जानने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की चिंता काफी बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि इस घटना के तार आतंकियों से जुड़े हैं। जिसके कारण अब एजेंसियाँ मामले की आखिरी सिरे तक पहुँचने के लिए आगे की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है।

दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर

हालाँकि, इस मामले में पुलिस अफसर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। लेकिन मीडिया खबरों के अनुसार
आइजी रेंज गोरखपुर जय नारायण सिंह ने भी मस्जिद में हुए विस्फोट के तार राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त संगठनों से जुड़े होने का अंदेशा जताया है।

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नई दुनिया की खबर के अनुसार, उन्होंने कहा, “विस्फोट मामले का जल्द ही पर्दाफाश हो जाएगा। आरोपी कुतुबुद्दीन से पूछताछ के लिए एटीएस लखनऊ की टीम डिप्टी एसपी दिनेश सिंह और आईबी वाराणसी की टीम पवन यादव के नेतृत्व में कुशीनगर पहुँच गई है।”

यहाँ बता दें कि इस घटना में मुख्य आरोपित के अलावा उसके पोते अशफाक आलम की भी भूमिका सामने आई है। क्योंकि घटना वाले दिन दोनों ही गाँव छोड़कर फरार हो गए थे। फिलहाल, अशफाख भी एटीएस की हिरासत में है, उसने घटना के बाद से हैदराबाद में शरण ले रखी थी। बता दें मस्जिद में ब्लास्ट के बाद 4 मौलानाओं को गिरफ्तार किया गया था। जिसमें मस्जिद के मौलाना अजीमुद्दीन ने कुतुबुद्दीन को मास्टर माइंड बताया था।

जानकारी के अनुसार अजीमुद्दीन मस्जिद कमिटी का अध्यक्ष था और उसे बच्चों को नमाज पढ़ाने के लिए भी नियुक्त किया गया था। जहाँ वह उन्हें उर्दू की तालीम भी देता था।

पूरा मामला

दरअसल, 11 नवंबर को कुशीनगर के मस्जिद में विस्फोट हुआ था। ये विस्फोट इतना जोरदार था कि वहाँ कि ख़िड़की-दरवाजे सब चकनाचूर हो गए थे। दीवारों पर दरारें आ गई थी और चीजें टूटकर बिखर गईं थी। हालांकि पहले इस मामले को एक इन्वर्टर बैट्री में धमाका बताया गया था, जिस कारण से मामले ने मीडिया में अधिक तूल नहीं पकड़ा। लेकिन पुलिस ने धमाके की साइट से फोरेंसिक सैम्पलों को जाँच के लिए भेजा तो साफ हो गया कि धमाका मस्जिद में रखे गए विस्फोटकों से ही हुआ।

इसके बाद गोरखपुर एटीएस, लोकल इंटेलिजेंस यूनिट और अन्य इंटेलिजेंस एजेंसियों ने मामले की गंभीर पड़ताल शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में इमाम अज़्मुद्दीन को साथियों इज़हार, आशिक और जावेद समेत हिरासत में ले लिया। कुशीनगर के एसपी विनोद कुमार मिश्रा के हवाले से टाइम्स नाउ ने दावा किया है कि यह सभी बैरागीपट्टी के ही रहने वाले हैं।

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