चीन में उइगर और अन्य अल्पसंख्यकों के साथ होते अत्याचार को देखते हुए अमेरिका के वाणिज्य मंत्रालय ने चीन की 28 संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट कर दिया। अब चीन की ये 28 संस्थाएँ अमेरिकी सामान नहीं खरीद पाएँगी।
पाकिस्तान गधों को चीन को बेचकर, जहाँ उन्हें मारकर उनके चमड़े से पारंपरिक चीनी दवाएँ बनाने के लिए उनकी हमेशा माँग बनी रहती है, पाक अपना विदेशी कर्ज पाटने की उम्मीद पाले है। यही नहीं, अपनी बदहाल अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए पाकिस्तान इसके पहले बालों का निर्यात भारी मात्रा में करने का भी काम कर चुका है।
थल सेना ने जहाँ लद्दाख में सैन्य एक्सरसाइज़ शुरू की है, वहीं वायुसेना ने भारत की पूर्वी सीमा के सबसे आखिरी छोर पर बसे गाँव की अपनी हवाई पट्टी फिर से चालू कर दी है- मकसद है चीनी सेना की किसी घुसपैठ या अन्य आक्रामकता का समय रहते मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार रहना।
अगस्त महीने के दौरान चीन के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 4.4 फीसदी दर्ज की गई, जो कि फरवरी 2002 के बाद का सबसे निचला स्तर है। वहीं जुलाई के दौरान औद्योगिक उत्पादन की दर 4.8 फीसदी दर्ज की गई थी।
अलजजीरा के इंटरव्यू के दौरान जब उनसे चीन में वहाँ की सरकार द्वारा सताए जा रहे उइगरों के बारे में पूछा गया, तो इमरान इस सवाल को टालने लगे। उन्होंने कहा कि वो इस समस्या के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि चीन में उइगुर मुस्लिमों को सामूहिक रूप से कैद में रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उइगरों के साथ बर्ताव कर रहा है, वह दुनिया पर बदतरीन धब्बा है। उन्होंने इस मसले को चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा से इतर बताया और कहा कि....
रिसर्च के मुताबिक बेल्ट एन्ड रोड में शामिल 126 देश दुनिया की 28% एमिशन के लिए ज़िम्मेदार हैं और 2050 तक ये आँकड़ा 66% तक चला जाएगा। चीन विश्व का सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जक है और दुनिया में मानव जनित कार्बन उत्सर्जन में 30 फीसद योगदान उसी का रहता है।
इस साल सिंध प्रांत में डेंगू की वजह से 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1200 लोगों को जाँच में डेंगू होने की पुष्टी हुई है। इसके अलावा सिंध प्रांत में घातक टिक-जनित वायरल कॉन्गो बुखार भी फैला हुआ है, जिसमें अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है।
दलाई लामा ने बताया कि चीन भी अब समझ गया है कि उसकी पुरानी नीति सफल नहीं होगी। इसीलिए वह जिस तिब्बती परंपरा को अपना बताता था, उसे अब नालंदा का मानने लगा है।
चीन ने कहा है कि पानी से सम्बंधित परियोजनाओं में जनता की भागीदारी काफ़ी महत्वपूर्ण और ज़रूरी होती है। ख़ासकर, जब मामला जल-संरक्षण और पर्यावरण से जुड़ा हो। चीन के अधिकारियों ने कहा कि भारत ने 'नमामि गंगे' के तहत जो किया है, वह अनुकरणीय है।