"जैसे भारत दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखलंदाज़ी नहीं करने की नीति पर चलता है, वैसी ही उम्मीद वह दूसरे देशों से अपने आंतरिक मामलों के लिए भी करता है।" - रवीश कुमार का इशारा चीन की शिनजियांग, तिब्बत और हॉन्ग कॉन्ग में दमनकारी नीति की ओर था।
54 देशों ने बीजिंग के मानवाधिकारों को लेकर सराहना की, जबकि 23 देशों ने चीन की कड़ी निंदा की। ग़ौर करने वाली बात यह है कि सराहना करने वाले 54 देशों में एक देश पाकिस्तान भी है।
चीनी खिलाड़ियों ने दौड़ के नियत ट्रैक से इतर छोटे रास्तों (शॉर्टकट) का इस्तेमाल किया था। दोषी पाए गए एथलीटों को बाकी रेसों में भाग लेने से भी रोक दिया गया। आयोजकों ने चीनी एथलीटों की अपील भी ख़ारिज कर दी।
दलाई लामा ने कहा कि 1974 में हमने तय किया था कि चीन से आज़ादी की माँग नहीं करेंगे। तिब्बती सिर्फ़ अपनी संस्कृति के संरक्षण के लिए कुछ अधिकारों की माँग कर रहे हैं। हम नालंदा दर्शन का अनुसरण कर रहे हैं।
क्या आपने किसी ऐसी हस्ती का नाम सुना है, जिसे राष्ट्रपति पद ऑफर हुआ हो और उसने तुरंत नकार दिया हो? महाबलिपुरम के शोर मंदिर में मोदी-जिनपिंग के सामने जब उस महिला का नाम गूँजा तो दिल्ली से होते हुए बीजिंग तक पहुँचा। जानिए भारत के सबसे महान कलाकारों में से एक के बारे में।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से मिले तो भी मीम्स बने। जापान गए तो वहाँ एक अलग तरह का मीम वायरल हुआ। हॉन्गकॉन्ग की नेता से मिले सूअर वाला मीम। क्या सचमुच इससे तंग आकर कार्टून कैरेक्टर को ही बैन कर दिया चीन में?
मनीष तिवारी ने अपने एक ट्वीट में पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि अगर चीन कश्मीर पर सवाल करता है तो यह बताना चाहिए कि तिब्बत, साऊथ-चाइना सी और हॉन्ग-कॉन्ग पर भारत की नज़र है ।
एक उइगर कार्यकर्ता ने बताया कि उसके दादा के दादा जिस कब्रगाह में दफ़न किए गए थे, उस कब्रगाह को तबाह कर दिया गया है। उइगर कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनके इतिहास, उनकी पहचान और उनकी पूर्वजों की हर एक निशानी मिटाई जा रही है।