आरिफ मोहम्मद खान ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि इसके जरिए मोदी सरकार ने महात्मा गॉंधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस द्वारा किए गए वादे को पूरा किया है।
व्याख्याता परीक्षा का मुद्दा राजस्थान में गरमा गया है। छात्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री इसे इगो का मुद्दा बना रहे हैं। गौर करने लायक बात यह है कि ज्यादातर नाराज़ छात्र मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थक हैं।
हेमंत सोरेन को महज 3492 वोट मिले हैं, वहीं लुइस मरांडी 9821 वोटों के साथ उनसे काफ़ी आगे दिख रही हैं। दुमका में सोरेन परिवार की प्रतिष्ठा दाँव पर है, क्योंकि ये 'गुरुजी का गढ़' रहा है। शिबू सोरेन यहाँ से 8 बार सांसद रह चुके हैं।
सरयू राय की बगावत और मुख्यमंत्रियों से झारखंड की जनता के पुराने वैर ने जमशेदपुर पूर्वी सीट को हॉटकेक बना रखा है। पॉंच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले राज्य के पहले मुख्यमंत्री रघुवर दास क्या नया इतिहास बनाने में कामयाब होंगे?
बिहार से अलग होकर अस्तित्व में आया झारखंड 19 साल के सफर में ही राजनीति के इतने मोड़ देख चुका है कि उसकी सियासी चालों पर हमेशा पूरे देश की नजर रहती है। क्या इस बार भी विधानसभा चुनाव के नतीजे नए सियासी पन्ने खोलेंगे?
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शाह-ए-आलम इलाक़े में हुई हिंसा के दौरान 26 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पठान ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक फ़र्ज़ी वीडियो पोस्ट कर भ्रामक खबर फैलाई थी।
शशि थरूर ने ट्विटर पर पहले भारत का गलत नक्शा पोस्ट किया। नक्शे में जम्मू-कश्मीर के एक हिस्से को देश से अलग दिखाया गया। थरूर ने गलत नक्शे वाले इस पोस्ट को 7 घंटे तक ट्विटर पर रहने दिया, फिर डिलीट कर दिया। पढ़े-लिखे थरूर से जाहिलों वाला यह काम अनजाने में हुआ हो, इसकी संभावना...
अहमदाबाद के शाह-ए-आलम इलाक़े में मुस्लिम भीड़ द्वारा नागरिकता क़ानून के विरोध में हिंसा की गई। पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला किया गया। इन आरोपों में अहमदाबाद पुलिस ने कॉन्ग्रेस कॉरपोरेटर शहज़ाद खान पठान समेत 49 दंगाईयों को हिरासत में लिया है।
स्वराज्य अभियान और प्रशांत भूषण दंगाईयों को क़ानूनी मदद उपलब्ध कराते हैं। नागरिकता क़ानून के नाम पर देश में अराजकता फैलाने के लिए इन विरोध प्रदर्शनों को और जारी रखना स्वराज्य अभियान और प्रशांत भूषण जैसे लोगों का कुचक्र है। पढ़ें व्हाट्सप्प चैट।
कॉन्ग्रेस को आइना दिखाने के मक़सद से बीजेपी एक ऐसे वीडियो को सामने लाई है, जिसमें ख़ुद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बांग्लादेश में धार्मिक आधार पर हिंसा के शिकार हुए शरणार्थियों के लिए सरकार को सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाने का सुझाव देते नज़र आ रहे हैं।