कक्षा 10 के कमजोर छात्रों के लिए शिक्षा विभाग ने मॉडल पेपर तैयार किया है। इसमें कहा गया है, “कुबुद्धि बेहद अवगुणी और शराबी था और गाँधी जी जैसा जीवन जीता था।” यह पेपर कई महीनों से सरकारी स्कूली में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
अमरिंदर सिंह के गृह नगर के चार पार्टी विधायकों ने बगावती रुख अपना रखा है। नौकरशाही पर गंभीर आरोप लगाते हुए इन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री उनकी बात नहीं सुन रहे। आप का दावा है कि बागियों के साथ कॉन्ग्रेस के 40 विधायक हैं।
8 जून 2017 को मंदसौर में किसान आंदोलन के दौरान फायरिंग हुई थी। करैरा से विधायक रही खटिक ने भीड़ को उकसाते हुए कहा था कि थाने को आग लगा दो, जो होगा देखा जाएगा। अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए 3 साल जेल की सजा सुनाई है।
ज्योति यादव के अनुसार पंखुड़ी शादी के लिए उनके पूर्व पति को ब्लैकमेल कर रही थीं। अनिल ने उन्हें बताया था कि विदेश यात्रा के दौरान पंखुड़ी ने एक वीडियो बना लिया था, जिसके कारण वे फॅंस गए हैं।
चुनाव आयोग ने इस घटना को लेकर जिला प्रशासन से रिपोर्ट मॉंगी है। हथियार जब्त कर त्रिपाठी को हिरासत में लिया गया। हालॉंकि पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा है कि महाराष्ट्र में पहली बार मुस्लिम सीएम बनाने में भी बाल ठाकरे की अहम भूमिका थी। एआर अंतुले का समर्थन करने वाले ठाकरे पहले नेता थे। प्रतिभा पाटिल और प्रणब मुखर्जी की राष्ट्रपति उम्मीदवारी के वक्त भी वे एनडीए के साथ नहीं गए।
गोवा कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष गिरीश चोडांकर ने कहा है कि भाजपा के पास 30 विधायकों का समर्थन है। सरकार गिरने की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में कॉन्ग्रेस सरकार गिराने की बजाए विपक्ष में बैठना पसंद करेगी।
कॉन्ग्रेस की तरफ से भी उपमुख्यमंत्री पद की माँग। कॉन्ग्रेस के बालासाहेब थोराट राज्य के नए उप मुख्यमंत्री हो सकते हैं। उधर अजित पवार भी मुँह फुलाए बैठे हैं। NCP अपने हाथ से डिप्टी CM पद जाने नहीं देना चाहती। उद्धव ठाकरे के फ्लोर टेस्ट से पहले महा-ड्रामा!
"महात्मा गाँधी की हत्या कॉन्ग्रेस की अनुमति से हुई थी और इसका सबसे ज्यादा फायदा भी कॉन्ग्रेस ने ही उठाया है। कॉन्ग्रेस गाँधी की हत्या का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करती रही है। कॉन्ग्रेस की अपनी कोई नीति ही नहीं है। वो सत्ता सुख के लिए कुछ भी कर सकती है।"
बाल ठाकरे की गिरफ़्तारी से मुंबई में माहौल गर्माने के साथ-साथ सियासी समीकरण भी बिगड़े थे। तब शिवसेना प्रमुख के ख़िलाफ़ व्यक्तिगत प्रतिशोध के रूप में भुजबल को ही दोषी ठहराया गया था। बाल ठाकरे की गिरफ़्तारी शिवसेना के लिए एक भावनात्मक मुद्दा रहा है। पार्टी बार-बार इस घटना के लिए एनसीपी से माफ़ी की माँग करती रही लेकिन अब...