बैठक दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज परिसर में हो रही थी। लेकिन पहले कॉन्ग्रेस नेता परिसर के अंदर आपस में भिड़े और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भी वहीं उनकी तू-तू मै-मैं हो गई। हालाँकि, जब कॉन्ग्रेस नेताओं से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये उनका आंतरिक मामला है।
17 जून से संसद का सत्र शुरू हो रहा है। ऐसे में, अगर तब तक पार्टी अध्यक्ष को लेकर संशय समाप्त नहीं होता है तो संसद में विपक्ष की एकता को गहरा धक्का लगेगा। एक बैठक के दौरान वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद की मौजूदगी में हरियाणा के कॉन्ग्रेस नेताओं के बीच आपस में तू तू-मैं मैं हुई।
नवजोत सिंह सिद्धू को जिस तरह से कैप्टेन ने किनारे पर खड़ा कर दिया है, वह काफी कुछ भाजपा में शत्रुघन सिन्हा को केंद्रीय नेतृत्व के खिलाफ लगातार बयानबाजी के बाद लगातार हाशिए पर किए जाने से मिलता है।
राम माधव ने कहा कि उनकी पार्टी पिछले 5 वर्षों में सांप्रदायिक अशांति, भ्रष्टाचार को रोकने, आर्थिक स्थिरता लाने और एक मजबूत भारत का निर्माण करने में कामयाब रही, जिसकी वजह से पार्टी को प्रचंड जीत मिली है।
2017 में, तत्कालीन मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस प्रमुख अरुण यादव के ख़िलाफ़ ख़ान ने एक ऐसा बयान दिया था जिसके चलते राज्य इकाई को यह घोषणा करनी पड़ गई थी कि असलम ख़ान अब पार्टी से नहीं जुड़े रहेंगे।
इससे पहले भी कॉन्ग्रेस और जेडीएस गठबंधन के बीच दरार की ख़बरें सामने आ चुकी हैं। इसकी वजह यह भी है कि लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टियों का वोट एक-दूसरे को ट्रांसफर नहीं हुआ, जिसकी उम्मीद की जा रही थी।
तेलंगाना की 119 सदस्यीय विधानसभा में कॉन्ग्रेस विधायकों की कुल संख्या 18 है। इनमें से 12 विधायकों ने सत्तारूढ तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) में शामिल होने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को अर्जी दी है। 18 में से 12 यानी दो तिहाई। इसलिए पार्टी बदलने वाले इन MLAs पर दल-बदल विरोधी क़ानून का भी प्रावधान लागू नहीं होगा।
"अगर मेरे को ख़त्म करना है, तो मुझे गोली मार दो।" हरियाणा कॉन्ग्रेस अध्यक्ष की इस बात के बाद बैठक में आज़ाद ने भी कहा कि पार्टी के भीतर कुछ बड़े होने वाले हैं, लेकिन उनकी बात को नज़रअंदाज़ करते हुए कॉन्ग्रेस नेता पूरी मीटिंग में आपस में लड़ते रहे।
31 मई को अतानासियो के खिलाफ एक महिला के साथ छेड़छाड़ (मोलेस्टेशन) और अभद्रता का नया मामला भी दर्ज हुआ है। यह एक अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई के दौरान का वाकया है।
दावे के अनुसार ₹99 करोड़ से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग कमलनाथ के तत्कालीन आधिकारिक निवास 1, तुगलक रोड से हुई है। यह बंगला कमलनाथ को छिंदवाड़ा के सांसद के तौर पर मिला था।