जज ने चाँद बाग इलाके की निवासी तबस्सुम की जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसके CDRs से पता चला है कि वह दिल्ली दंगों के कई सह-अभियुक्तों के साथ लगातार संपर्क में थी।
दिल्ली दंगों पर आपने कई रिपोर्ट पढ़ी होगी। अब पढ़िए उमर खालिद और ताहिर हुसैन का कबूलनामा, जो बताता है कि हिंदुओं के खिलाफ कितने बड़े स्तर पर प्लानिंग की गई थी।
कोर्ट ने कहा कि खजूरी खास में हुई सांप्रदायिक हिंसा के मामले में उमर खालिद के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, जिससे इस मामले में जाँच को आगे बढ़ाया जा सकता है।
उमर खालिद ने दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगों में मुस्लिमों को नए कानून के खिलाफ भड़का कर हिंसा की साजिश रचने और महिलाओं व बच्चों के इस्तेमाल कर पूरी दिल्ली में चक्का जाम करने से संबंधी कई खुलासे किए हैं।
कॉन्ग्रेस को शाहरुख याद नहीं है। लेकिन, जामिया में गोली चलाने वाले नाबालिग का चेहरा दिखाने से उसे गुरेज नहीं। क्यों? सिर्फ इसलिए कि वह नाबालिग एक हिंदू था।