इस औपनिवेशिक तंत्र में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए उसे भारत केंद्रित बनाने और उसके भारतीयकरण पर जोर दिया जा रहा है। भारतीय ज्ञान परंपरा का पुनराविष्कार और प्रतिष्ठा राष्ट्रीय शिक्षा नीति की केंद्रीय चिंता है।
"2014 से अब तक किसके हाथ में है देश। बीजेपी के। लेकिन अब इलेक्शन आएँगे न तो वही पुरानी बातें होंगी। बोफोर्स की बातें होंगी। राम मंदिर की बात होगी। जिसमें धर्म की बात होगी।"
"ऐसे इंसान को चुनें जो पढ़ा लिखा हो। जो समझ सके चीजों को, ऐसे इंसान को न चुने जिन्हें सिर्फ बदलना आता हो, नाम चेंज करना आता हो। तो मेक योर डिसीजन प्रॉपर्ली।"