इंडिया टुडे के पत्रकार अशरफ वानी ने केवल ऐसी मौत का दावा ही नहीं किया जो असल में हुई नहीं है बल्कि भारतीय सेना के खिलाफ एक फेक नैरेटिव स्थापित करने का प्रयास भी किया है।
सोशल मीडिया के जरिए एक बार फिर भारतीय सेना और सुरक्षाबलों की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से एक फर्जी नैरेटिव रचने का प्रयास किया जा रहा है कि बशीर अहमद की मृत्यु CRPF की गोली लगने से हुई।
डॉ.राय ने अगस्त 2019 में बाबा रामदेव के सहयोगी को कांफीडेंशियल मेडिकल रिपोर्ट प्रकाशित कर गलत तरीके से फँसाने की थी। उन्होंने रामदेव के सहयोगी आचार्य बालगोविंद की झूठी रिपोर्ट को प्रकाशित किया था।