आरोपित लड़की को पकड़ कर झाड़ियों में ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। लड़की की चीख-पुकार सुनकर खेतों में काम कर रहे लोग घटनास्थल पर पहुँचे और नाजिक को पकड़ लिया। उसकी जमकर पिटाई की। उसके साथी भागने में कामयाब रहे।
पीड़िता ने बताया कि वह अपने भाभी के घर जा रही थी। इसी दौरान कार सवार आए और उसे जबरन बैठा लिया। सभी ने अपने चेहरे ढँक रखे थे। उसके साथ चलती गाड़ी में रेप किया, फिर एक नहर के पास दोबारा घिनौनी घटना को अंजाम दिया।
गाँव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली एक नाबालिक बच्ची को आरोपित 3 जुलाई 2015 को उसके घर से रात में जब बच्ची अपनी दादी के पास सो रही थी, तभी उसे घर से उठाकर ले गए और कार से किशनगढ़बास में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
"इन तीनों का मकसद बच्ची के घर से भैंसों को चुराना था, लेकिन जब उन्हें उसके घर पर भैंसें नहीं मिली तो उन्होंंने गुस्से में सोती बच्ची को चारपाई से उठाया और नजदीक के खेत में ले जाकर उसका बारी-बारी से बलात्कार किया।"
रमादान एक शादीशुदा आदमी है और उसके चार बच्चे भी हैं। साल 2017 तक वह ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हुआ करता था। लेकिन मीटू मूवमेंट के दौरान 2 महिलाओं ने उस पर रेप का आरोप लगाया था, जिसके बाद उसे वहाँ से निकाल दिया गया।
एसएसपी अनंत देव ने बताया कि पुलिस ने उन दो महिलाओं को गिरफ़्तार कर लिया है जिन्होंने पीड़िता पर ताना मारा था। उन्होंने बताया कि शायद पीड़िता ने महिलाओं द्वारा चिढ़ाए जाने और आरोपितों के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई न होने से आहत होकर यह कदम उठाया।
मुँह दिखाई की रस्म पर पीड़िता के सामूहिक दुष्कर्म की साज़िश अजमल ने ख़ुद रची, जिसमें उसके भाई और दोस्त भी शामिल थे। उन्होंने कोल्डड्रिंक में नशे की दवा मिलाकर लड़की को पिलाई, जिसके बाद उसके साथ बेहोशी की हालत में सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
शोएब और असलम ने युवती के मंगेतर को भी गैंगरेप का विडियो भेजा। मंगेतर के पास बात पहुँचने के बाद लड़की उसके साथ नगर कोतवाली थाने पहुँची और दोनों आरोपितों के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज करवाया। पुलिस दोनों आरोपितों की तलाश में दबिश दे रही है।
घटना के करीब पाँच दिन बाद पीड़िता को रास्ते में घंटोली उर्फ इमरान खान मिला। इमरान ने भी पीड़िता को ब्लैकमेल करते हुए अकेले में मिलने को कहा। इमरान ने पीड़िता को धमकी दी कि जैकम द्वारा खींचे गए अश्लील फोटो उसके पास हैं। अगर वह नहीं आई तो...