हनुमान चालीसा के वितरण से शहर में कानून व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है, पुस्तक मेले में आने वाले लोग भावनाओं में बह सकते हैं। - ममता सरकार की पुलिस ने हनुमान चालीसा के वितरण पर रोक लगाने के पीछे यही तर्क दिया।
शाहीन को कट्टरपंथियों का डर नहीं। वे कहती हैं, "हम ऐसे देश में रहते हैं जहां सभी को एक-दूसरे के धर्म का सम्मान करना चाहिए। यदि मैं दूसरे धर्म के बारे में भी सीखती हूॅं तो इसमें क्या गलत है। हर धर्म प्यार करना सीखाता है।"
“हर कोई कह रहा था कि मुझे खुद घर छोड़ देना चाहिए वर्ना वे मुझे घर से ज़बर्दस्ती बेदखल कर देंगे। मुझे जान से मारने की धमकियाँ भी मिल रही हैं। मैं सुरक्षा की माँग करती हूँ। मैं अपने बेटे के साथ अकेले रहती हूँ ऐसे में मेरे साथ कभी भी कुछ भी हो सकता है।”
सार्वजनिक जगहों पर जुमे की नमाज अता किए जाने की हरियाणा के सीएम खट्टर भी आलोचना कर चुके हैं। बीते साल नोएडा पुलिस ने कंपनियों को एडवाइजरी जारी कर कहा था कि वे अपने कर्मचारियों को सार्वजनिक जगहों पर नमाज अता करने से रोकें। बीते साल ही मद्रास हाई कोर्ट ने कहा था कि सार्वजनिक जगहों का इस्तेमाल प्रार्थना के लिए नहीं किया जाना चाहिए।