कोर्ट ने अब इसी मामले में ये पाया कि प्रतिवादियों को ये साबित करना था कि वादी की बड़ी बेटी अब हिंदू नहीं है, लेकिन वो लोग ऐसा नहीं कर पाए। ऐसे में बेटी को पिता की संपत्ति में अधिकारी होगी।
कॉन्ग्रेस सुप्रीम कोर्ट में इस कानून की वैधता पर चल रही सुनवाई में पक्ष बनने के लिए पहुँची है। कॉन्ग्रेस ने कहा है कि यह कानून देश में सेक्युलरिज्म बचाने के लिए जरूरी है।
ब्राजील से आए एक श्रद्धालु ने कहा, "मैं योग करता हूँ और मैं मोक्ष की तलाश में हूँ। भारत विश्व की धर्म की राजधानी है। मैं पहले वाराणसी गया था और अब यहाँ आया हूँ।"