स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी ने इसे बाद दावा किया कि रोक कानून व्यवस्था को देखते हुए लगाई गई है। उन्होंने कहा कि छात्र हॉस्टल में ही सरस्वती पूजा मनाएँगे।
कोर्ट ने अब इसी मामले में ये पाया कि प्रतिवादियों को ये साबित करना था कि वादी की बड़ी बेटी अब हिंदू नहीं है, लेकिन वो लोग ऐसा नहीं कर पाए। ऐसे में बेटी को पिता की संपत्ति में अधिकारी होगी।
कॉन्ग्रेस सुप्रीम कोर्ट में इस कानून की वैधता पर चल रही सुनवाई में पक्ष बनने के लिए पहुँची है। कॉन्ग्रेस ने कहा है कि यह कानून देश में सेक्युलरिज्म बचाने के लिए जरूरी है।