अमूमन देखने को मिलता है कि 'आंदोलनों' के समर्थन में नौकरी छोड़ने वाले अफसर या तो करप्शन के आरोपित हैं या फिर कुछ दिन बाद उनका पॉलिटिकल एजेंडा सामने आ जाता है।
अनुपम मिश्रा, हाल ही में केरल के कोल्लम में सब कलेक्टर का पदभार संभालने के लिए आए थे। उन्होंने अपने वरिष्ठों को सूचित किया कि वह अपनी पत्नी के साथ हनीमून पर सिंगापुर में थे, तब उन्हें वहाँ से लगभग 70 किलोमीटर दूर कोल्लम स्थित सरकारी आवास में आइसोलेशन में अलग-थलग रहने का निर्देश दिया गया था।
पुदुचेरी का कराईकल जिला गंभीर जल संकट से घिरा था। लोग खेती छोड़ रहे थे। घर छोड़कर जाने को मजबूर थे। एक बाल्टी पानी के लिए मीलों चलना पड़ता था। लेकिन, एक अधिकारी ने पारंपरिक तरीकों से बदल दिए हालात।
इस कानून को 1978 में फारूक अब्दुल्ला के पिता शेख अब्दुल्ला ने ही राज्य में लागू किया था। इस कानून के तहत किसी भी शख्स को अचानक से हिरासत में लिया जा सकता है और बिनी किसी तरह का मुकदमा चलाए...