दरअसल, यह मामला 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले के सरगना और जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने विशेष न्यायाधीश राकेश स्याल की अदालत में बंद कमरे में चल रही सुनवाई के दौरान तीनों को गिरफ्तार किया और 15 दिनों तक उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने की माँग की।
पुलिस से बातचीच में सैयद के पिता ने बताया कि उन्हें पाकिस्तान से फोन आया था। ये कॉल उन्हें वहाँ की जेल से हाल ही में रिहा हुए एक कैदी ने किया था। उसने ही सैयद के वहाँ जेल में बंद होने की जानकारी दी।
गाय की मौत पर इकट्ठा होने वाले संवेदनशील गाँव उस बच्चे को पहली ही बार बहकने पर, इकट्ठा होकर क्यों नहीं समझाने आया कि बेटा, हथियार मत उठाओ? तब आपके गाँव की संवेदना और नैतिकता कहाँ थी! और आप एक गाय को बीच में ले आते हैं? क्या गाय ने किसी पर ग्रेनेड फेंका था
भारतीय गृह मंत्रालय की तरफ से श्री लंका सेना प्रमुख के बयान पर अभी तक किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मगर सुरक्षा प्रतिष्ठान के एक अधिकारी का कहना है, “श्री लंका ने हमारे साथ इस तरह की कोई जानकारी साझा नहीं की है। अहम बात यह है कि श्रीलंका सुरक्षा एजेंसियों ने खुद जाँच के बाद इससे इनकार कर दिया था।”
कहानी की शुरुआत होती है जनक सिंह से, जो आर्मी अफसर थे। 15 अगस्त 1947 - देश तब आजाद हुआ था। कहानी के दूसरे पात्र हैं - मेहर चंद महाजन। यह वकील थे, फिर जज बने। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस भी रहे। कहानी के तीसरे पात्र वो हैं, जिन पर शीर्षक लिखा गया है।