जगमोहन को कसूरवार बताना कॉन्ग्रेस के लिए जरूरी भी है, क्योंकि इससे नेहरू से लेकर राजीव तक के बेतुके फैसलों पर पर्दा डल जाता है। इस कोशिश में बड़ी सफाई से यह बात छिपाई जाती है कि कुछ परिवारों की गलती से बदतर हुए हालात पर काबू पाने के लिए जगमोहन दूसरी बार श्रीनगर भेजे गए थे।
5-7 पाकिस्तानी सेना के जवान/आतंकवादी के शव एलओसी पर पड़े हैं। भारी गोलीबारी के चलते शवों को हटाया नहीं जा सका है और ना ही उनकी पहचान हो पाई है। सेना ने सबूत के तौर पर 4 शवों की सैटेलाइट तस्वीरें भी जारी की है।
लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने पत्रकारों को बताया कि आतंकवादियों के पास से पाकिस्तान सेना की लैंडमाइंस बरामद की गई है। इससे साबित होता है कि कश्मीर में आतंकवाद के पीछे पाकिस्तानी सेना का हाथ है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कश्मीर के मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय वायु सेना और आर्मी को हाई ऑपरेशनल अलर्ट पर रखा गया है। CRPF और पारा-मिलिटरी की तुरंत तैनाती के लिए वायुसेना के C-17 हेवी लिफ्ट प्लेन को भी ऑपरेशनल मोड में रखने का आदेश है।
अतिरिक्त जवानों की तैनाती के फैसले ने कश्मीरी नेताओं और अलगाववादियों को बेचैन कर रखा है। इस फैसले से अनुच्छेद 35ए को खत्म किए जाने की अटकलों ने भी जोर पकड़ लिया है।
"ट्रंप का बयान न केवल बचकाना और भ्रांतिमूलक है बल्कि शर्मनाक भी है। कोई भी जो साउथ एशिया की विदेश नीतियों से परिचित है, वो इस बात को जानता-समझता है कि भारत लगातार कश्मीर मुद्दे पर किसी भी तीसरी पार्टी की मध्यस्ता से इनकार करता रहा है।"
"जब मैंने मॉडलिंग शुरू की, तो मैंने देखा लोग कैसे मुझे ट्रीट कर रहे हैं, मुझे अच्छा लग रहा है, जबकि दूसरी ओर मदरसे में मुझे मारा जाता था, मुझे गाली दी जाती थी, मेरे साथ गलत बर्ताव होता था, और मुझे बंधक बनाकर रखा जाता था, सिर्फ़ इसलिए ताकि मैं अल्लाह के बारे में पढ़-सीख सकूँ।"
रील वाली जायरा ने रियल में न जाने कितनी 'जायरा' को प्रभावित किया होगा, पर अफसोस! जायरा अपने फैसले से कितना आगे गईं, कितना पीछे, पता नहीं, लेकिन जिन्होंने जायरा के संघर्ष में खुद का भविष्य सोचा होगा, वो लड़कियाँ मानसिक तौर पर बहुत पीछे चली गई होंगी, यह पक्का है।
अधिकारियों का कहना है कि नाज कॉलोनी स्थित 'मस्जिद-ए-नूर' के तीसरे तल में आग लगी और आग लगने की वजह से काफी संपत्ति का नुकसान हुआ है। यह मस्जिद 'तबलीगी जमात' नामक संस्था का जिला मरकज भी है।
आतंकी गुट भारतीय एजेंसियों द्वारा लगातार नजर रखे जाने के कारण नेपाल जाकर ISI के एजेंटों से मुलाकात कर रहे हैं। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार बिहार-यूपी से सटे तराई के कई इलाकों में कई आतंकी संगठन लोगों को भर्ती करने की साज़िश में लगा हुआ है।