अगस्त 2019 में लिपि सिंह पर आरोप लगा था कि वो दिल्ली के साकेत कोर्ट में अनंत सिंह के लिए जब ट्रांजिट रिमांड लेने गई थीं, तो उन्होंने जदयू नेता की गाड़ी का इस्तेमाल किया था।
सियासत में कूदने से पहले ही प्रभुनाथ का आस्तीन दाग़दार हो चुका था। 1980 में मशरक के विधायक रामदेव सिंह की हत्या हुई थी और आरोप लगा था प्रभुनाथ सिंह पर।