श्रीराम के जन्म को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हिन्दुओं की आस्था पर मुहर लगा दी। इसके पीछे कई कारण रहे, जिनमें से एक कारण भगवान विष्णु भी हैं। वही विष्णु, जिन्होंने श्रीराम के रूप में अवतार लेकर सरयू तट को पवित्र किया। जब वो ख़ुद बोलें तो भला कौन न माने?
Stan (अगर H को साइलेंट कर दें तो, जो कि टेलिग्राफ के संपादक की मंशा भी थी, तभी उसने इसे ब्रेक करके हेडलाइन बनाई) का अर्थ शैतान होता है। खैर... शायद इन्हें नहीं पता लेकिन ये हेडलाइन बनाते-बनाते खुद हेडलाइन बन जाएँगे, JNU से गायब होते वामपंथियों की तरह।
हास्यास्पद यह है कि जितनी भीड़ वामपंथियों ने विरोध के लिए जुटाई थी और जितनी ऊँची आवाज में वो विरोध कर रहे थे, उससे कहीं अधिक जय श्री राम के नारे की गूँज सुनाई दे रही थी। वीडियो में वामपंथी विरोध की दम तोड़ती आवाज को सुनिए और मजे लीजिए।
योगेश्वरन पिछले 9 साल से अयोध्या मामले पर काम कर रहे थे। इस मामले पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उन्हें अदालत के सभी अन्य कामों को छोड़ना पड़ा। वकील आकृति चौबे को तो ब्वॉयफ्रेंड के साथ सगाई करनी थी, लेकिन...
“अगर ओवैसी का वश चले तो ये हैदराबाद में निजामी के समय की तरह ही दूसरा फसाद खड़ा कर दे, लेकिन इसकी औकात ही नहीं है इतनी कि हिन्दुस्तान का बँटवारा कर सके।”
भगवान राम को घर- घर पहुॅंचाने में तुलसीदास कृत रामचरितमानस की भूमिका अतुलनीय है। अयोध्या में रामलला को उनकी जमीन कानूनी तौर पर वापस दिलाने में ऐसी ही भूमिका भारतीय वकालत के भीष्म पितामह कहे जाने वाले पराशरण ने निभाई है।
फैसले का आधार बनी एएसआई रिपोर्ट में कहा गया है कि विवादित ढॉंचे के नीचे नक्काशीदार ईंटें, देवताओं की युगल खंडित मूर्तियाँ, नक्काशीदार वास्तुशिल्प, पत्तों के गुच्छे, अमालका, कपोतपाली, कमल की आकृति जैसी चीजें मिली हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने बहुप्रतीक्षित फ़ैसला सुनाया दिया है। अयोध्या की पूरी विवादित ज़मीन रामलला की है। मंदिर वहीं बनेगा। मस्जिद के लिए अयोध्या में ही कहीं और 5 एकड़ ज़मीन दी जाएगी।
ट्रस्ट बनाने और मंदिर निर्माण की योजना के लिए तीन महीने का वक्त सरकार को दिया गया है। साथ ही शीर्ष अदालत ने कहीं और मस्जिद बनाने के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन देने का भी निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि बोर्ड अपना दावा साबित करने में नाकाम रहा।
अंग्रेजों के आने से पहले ही राम चबूतरा, सीता रसोई और विवादित ज़मीन के बाहरी हिस्से में हिन्दू पूजा किया करते थे। अर्थात, आउटर कोर्टयार्ड हिन्दुओं की पूजा का मुख्य बिंदु था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सारा विवाद अंदर के हिस्से को लेकर है।