केरल के श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर की तरफ से रामलला के लिए 'विशेष भेंट' भेजी जा रही है। ये विशेष भेंट धनुष 'ओणाविल्लू' है, जिसमें चित्रों के माध्यम से पूरी रामायण गाथा दिखाई जाती है।
फालतू डिस्क्लेमर डाल कर पौराणिक पात्रों का मजाक बनाने वाला 'न्यूजलॉन्ड्री' क्या इस्लाम, जन्नत, 72 हूरों और दारू की नदी पर व्यंग्य करेगा? यहाँ तो तथ्य कहने पर 'सर तन से जुदा' हो जाता है, सोचिए व्यंग्य पर क्या होगा।
"पापा का लगभग हर दिन सिर जोर से दर्द करने लगता था। वो दर्द से चीखने लगते थे। कई बार तो बेहोश भी हो जाते थे। इसी वजह से उन्हें कहीं अकेले नहीं भेजा जाता था।"