'द इकोनॉमिस्ट' ने हजारों साल पुरानी भारतीय संस्कृति को ऐसे दिखाने की कोशिश की है जैसे बाबर के आने से पहले न तो संस्कृति थी और न भाषा, कला। ये सब हमने मुगलों से सीखा
नगीना से सांसद चंद्रशेखर रावण दलितों के लिए अलग निर्वाचक मंडल की सदन में वकालत की। ये देश को बाँटने की अंग्रेजों की चाल थी, जिसका जिन्ना ने समर्थन किया था।