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काबुल के आखिरी पुजारी पंडित राजेश ने रतन नाथ मंदिर छोड़ने से किया इनकार, कहा- ‘तालिबान ने मार दिया तो यह भी मेरी सेवा’

"मेरे पूर्वजों ने सैकड़ों सालों तक इस मंदिर में सेवा की है। मैं इसे छोड़कर नहीं जाऊँगा। अगर तालिबान मुझे मार देता है तो यह भी मेरी सेवा ही होगी।"

जब बामियान में बुद्ध को डायनामाइट से उड़ाया, 9 गाय काट कर मना जश्न: तालिबान लौट आया तो मिर्जा हुसैन से भी मिल लीजिए

पहले धमाके के बाद जब बुद्ध की मूर्ति को तोड़ने में तालिबानी असफल रहे तो उन्होंने डायनामाइट लगवाए और विस्फोट के बाद नाचते हुए जश्न मनाया।

काबुल एयरपोर्ट पर भेड़-बकरी की तरह इंसान, फायरिंग में मौतें: तालिबान के आते ही बुर्के के लिए भी मारामारी

अफगानी महिला कहती है, “मुझे यकीन नहीं हो रहा, पूरी दुनिया ने हमें छोड़ दिया है। हमारे दोस्त मारे जा रहे हैं। वह हमें मार देंगे। हमारी महिलाओं के पास कोई अधिकार नहीं बचेगा।”

हिंदुओं के जख्मों पर ‘खेला होबे’: बंगाल ने न डायरेक्ट एक्शन डे से सीखा, न गोपाल पाठा को याद रखा

क्या यह केवल संयोग की बात है कि खेला होबे दिवस मनाने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 16 अगस्त को चुना?

‘काफिरों! तुम्हारा अंत अब ज्यादा दूर नहीं…’: जरा याद उन हिंदुओं को भी कर लो जिनका कत्लेआम डायरेक्ट एक्शन डे के नाम

डायरेक्ट एक्शन डे, एक अलग देश के लिए कम, हिन्दू नरसंहार के लिए आतुर मुस्लिम कट्टरपंथियों के मन में सुलग रही मजहबी इच्छा का दिन था।

काबुल पर कब्जे के साथ तालिबान ने की युद्ध समाप्ति की घोषणा, मुल्क छोड़ भागे राष्ट्रपति गनी: US ने लिया एयर ट्रैफिक का कंट्रोल

अफगानिस्तान में काबुल पर कब्जे के साथ ही आतंकी संगठन तालिबान ने की युद्ध समाप्ति की घोषणा। मुल्क के राष्ट्रपति देश छोड़ कर भाग खड़े हुए हैं।

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने तालिबान को सत्ता सौंपा, देश छोड़ा: जानिए कौन हैं अंतरिम सरकार के प्रमुख बनने वाले अली अहमद जलाली

लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई अफगान की सरकार में राष्ट्रपति अशरफ गनी ने इस्तीफा दे दिया है और मिली खबरों के अनुसार उन्होंने देश छोड़ दिया।

क्यों जरूरी है विभाजन के दंश को याद करना, ‘योम हाशाह’ से सीखें हिन्दू: बाबरी का मातम मनाने वाले नहीं समझेंगे

कई देशों में 'National day of mourning', अर्थात शोक का दिवस मनाया जाता है। फिर भारत के हिन्दू/सिख अपने साथ हुई त्रासदी व इसके गुनहगारों को क्यों न याद करें?

अमृत काल में विश्व स्तरीय लक्ष्य: PM मोदी का उद्योग, व्यापार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में विकसित देशों की बराबरी का संकल्प

लोकतांत्रिक व्यवस्था में आलोचना के लिए हमेशा स्थान रहेगा और परंपरा के अनुसार विपक्ष प्रधानमंत्री के भाषण को एक निरुत्साह वाला भाषण भी बता सकता है पर एक आम भारतीय के लिए उनका संबोधन आशा देता है और उसे प्रेरित भी करता है। 

तालिबानी आतंकियों के सामने ऐसे पस्त हुई ₹6 लाख करोड़ की फ़ौज, 20 साल की मेहनत बेकार: काबुल छोड़ भागने को बेताब USA

अफगानिस्तानी फ़ौज के प्रशिक्षण, उपकरणों और हथियारों पर अमेरिका ने 20 वर्षों में जो $83 बिलियन (₹6.16 लाख करोड़) खर्च किए थे, वो कहाँ चले गए?

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