रिलायंस समूह ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के सारे आरोपों को झूठा बताते हुए पूछा कि उनकी सरकार ने 10 वर्षों तक एक क्रोनी कैपिटलिस्ट और एक बेइमान व्यवसायी की मदद क्यों की? यूपीए ने 1 लाख करोड़ रुपयों के कॉन्ट्रैक्ट्स रिलायंस को क्यों दिए?
जनता के बीच प्रचार के दौरान 'मोदी-मोदी' नारे सुनने वाले केजरीवाल पहले नेता नहीं हैं इससे पहले राहुल गाँधी, कन्हैया कुमार और उर्मिला मातोंडकर की भी रैली के दौरान या उनके भाषण के बीच में मोदी समर्थकों ने नारेबाजी की थी।
सेनगुप्ता ने कहा कि उस जगह से हिंसा की ख़बरें आई थीं, जिसका पता लगाने वो लोग वहाँ गए थे लेकिन तभी तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता उग्र हो गए और हमला बोल दिया। बंगाल पुलिस सामने के सामने ही यह सब हुआ लेकिन वो लोग मूकदर्शन बनें रहे।
पति व ससुराल वालों ने BJP को वोट देने पर उसे ताने कसे। शाम को पति ने गाँव के एक अन्य युवक के साथ मिलकर सहाना की पिटाई कर दी। अपने बयान में उसने बताया कि ओसामा नाम के व्यक्ति ने उसकी पिटाई की। ओसामा ने सहाना से कहा कि तुम मुस्लिम समुदाय में रहने लायक नहीं हो।
संगरूर स्थित दिड़बा के चट्ठा ननहेड़ा गाँव में कॉन्ग्रेस प्रत्याशी केवल सिंह ढिल्लों के पुत्र करण सिंह ढिल्लों प्रचार के लिए पहुँचे तो उन्हें ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। लोगों ने कॉन्ग्रेस पर गुटका साहिब की बेअदबी का आरोप लगाया।
एक पिता के तौर पर तो बच्चों को हमेशा परिवार के साथ खड़े रहना चाहिए, लेकिन वो पिता प्रधानमंत्री भी था, और दुर्भाग्य से चोर और हत्यारा भी। देश उनके पिता से बड़ा है और अगर ये दोनों देशभक्त हैं तो राहुल या प्रियंका को मोदी की बात सुन कर चुपचाप रोने के बाद, आँसू के घूँट पीकर, रैली में किसी और विषय पर भाषण देते रहना चाहिए था।
ऐसा पहली बार नहीं है कि टीएमसी के गुंडों ने खुलेआम अपनी गुंडागर्दी दिखाई हो, इससे पहले इन्हीं हिंसाओं के बारे में सुनने के कारण पिछले चरण में ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार करने का फैसला कर लिया था।