राहुल गाँधी व्यक्तित्व नहीं, एक मानसिक अवस्था है। कभी-कभी व्यक्ति व्यक्तिवाचक संज्ञा से ऊपर उठ कर जातिवाचक संज्ञा हो जाता है, और उनमें से राहुल गाँधी जैसे महज़ चंद लोग ऐसे होते हैं जो व्यक्ति होते हुए भी विशेषण बन जाते हैं।
कंगना ने साफ़-साफ़ कॉन्ग्रेस पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक वो लोग सत्ता में थे तब तक देश में ग़रीबी, भूखमरी और प्रदूषण का माहौल तो था ही, साथ-साथ बलात्कार की घटनाएँ भी बढ़ गई थीं। कंगना ने लोगों से बड़ी संख्या में देश के लिए वोट करने की अपील की।
पीड़ित भाजपा कार्यकर्ता के बेटे प्रतीक ने अपने पिता का फोटो शेयर कर अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई। प्रतीक ने ट्विटर के माध्यम से पूरे देश का सहयोग माँगा और कहा कि अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो उनके पूरे परिवार को इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ेगा।
"पंडित नेहरू के बाद से किसी कॉन्ग्रेसी ने बहुत ज्यादा ध्यान नहीं दिया है। पार्टी में लिखने-पढ़ने की, मतलब विचारों के आदान-प्रदान की परिपाटी ख़त्म हो गई है। आज भी सोच-विचार में मेरी पार्टी, भाकपा, माकपा, और यहाँ तक कि मार्क्सवादी-लेनिनवादी भाकपा (माले) से प्रेरणा लेती है।"
कुत्ते के शरीर पर भाजपा के प्रतीक चिन्ह और “मोदी लाओ, देश बचाओ” के नारे के स्टिकर चिपके हुए थे। शिकायत मिलने पर पुलिस ने नगर निगम से कुत्ते को हिरासत में लेने के लिए कहा, जिसके बाद निगम ने कुत्ते को हिरासत में ले लिया।
तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों ने उन मतदाताओं को परेशान किया, जिनकी ऊँगली से इत्र की महक नहीं आ रही थी। जिनकी ऊँगली से इत्र की महक आ रही थी, उन्हें यह समझकर छोड़ दिया गया कि उन्होंने तृणमूल को ही वोट दिया है।
पश्चिम बंगाल में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 23 सीटें जीतने की बात कही है। बंगाल में लगातार पाँव जमा रही भाजपा ने दशकों तक राज करने वाले वामपंथी दलों को आसानी से तीसरे स्थान पर ढकेल दिया है। मोदी ने बंगाल के लोगों को 'मिशन महामिलावट' के प्रति आगाह करते हुए कहा कि कुछ दल केंद्र में एक खिचड़ी सरकार चाहते हैं।
तेज बहादुर यादव के ख़िलाफ़ 2 मोबाइल फोन लेकर ऑपरेशनल ड्यूटी पर जाने और भोजन की गुणवत्ता को लेकर ग़लत अफवाह फैलाने का मामला साबित हुआ था, जिसके बाद उन्हें निलंबित किया गया था। कॉन्ग्रेस ने अजय राय को यहाँ से उम्मीदवार बनाया है।
कॉन्ग्रेस ने भीष्म शर्मा को नज़रअंदाज़ करते हुए शीला दीक्षित को उतार दिया। शीला और भीष्म में पुरानी प्रतिद्वंद्विता है और इसीलिए शीला ने प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार संभालते ही सबसे पहले भीष्म शर्मा पर गाज गिराई। उन्हें 6 वर्षों के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
कुछ दिनों से ख़बरें चलाई जा रही थीं कि उमा और प्रज्ञा में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और दोनों के बयानों के ग़लत मतलब निकाले जा रहे थे लेकिन आज इन अटकलों पर विराम लग गया। भोपाल से सांसद रहीं उमा ने प्रज्ञा सिंह के पाँव छुए और उन्हें टिका लगाकर खीर भी खिलाई।