बिरेन सिंह ने बताया कि 1992-97 के बीच मणिपुर में 1600 से अधिक लोग मारे गए थे। उन्होंने पूछा कि तब प्रधानमंत्री रहे नरसिम्हा राव या आइके गुजराल क्यों नहीं मणिपुर पहुँचे थे।
जिरीबाम जिले के मुख्यालय से 5 किमी दूर एक व्यक्ति के घर में घुसकर कूकी आतंकवादियों ने उसकी हत्या कर दी। इस हत्या के बाद दोनों तरफ से संघर्ष छिड़ गया, जिसमें 4 अन्य की मौत हो गई।