परिषद ने आरोप लगाया कि म्यांमार से आए कई कुकी लोग बड़े पैमाने पर पोपी (अफीम) की खेती कर रहे हैं और उन्हें हथियारबंद उग्रवादी समूहों का संरक्षण मिल रहा है।
बिरेन सिंह ने बताया कि 1992-97 के बीच मणिपुर में 1600 से अधिक लोग मारे गए थे। उन्होंने पूछा कि तब प्रधानमंत्री रहे नरसिम्हा राव या आइके गुजराल क्यों नहीं मणिपुर पहुँचे थे।