यह एक सामान्य लेख है जो आम तौर पर अखबारों में छपता है। लेकिन खास बात यह है कि लेख का शब्दशः चार दिन पहले हिन्दी में 'बिजनेस स्टैंडर्ड' के हिंदी संस्करण में छपी थी।
रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने एक हफ्ते से रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद कर दिया है। रॉयटर्स का यह प्रोपेगेंडा केवल कुछ ही घंटों तक टिक पाया। एएनआई ने दावा किया है कि भारतीय तेल रिफाइनरियां अभी भी रूस से तेल खरीद रही हैं।