एक माफी के लिए कोई कितना इंतजार कर सकता है, 1 हफ्ते, 1 महीने या 1 साल? उत्तर प्रदेश की कुंडा विधानसभा सीट से बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने एक अदद माफी के लिए 27 वर्षों का इंतजार किया है। वो भी एक समाचार पत्रिका से।
क्या है मामला?
राजा भैया ने सोमवार (15 सिंतबर 2025) को X पर एक पोस्ट कर बताया कि उन्हें लेकर लिखी गई एक खबर के लिए ‘आउटलुक’ मैगजीन ने 27 वर्ष बाद माफी माँगी है। राजा भैया ने अपने पोस्ट में इस माफीनामे के पीछे की पूरी कहानी भी साझा की है।
उन्होंने लिखा, “27 वर्ष पहले, देश की एक बड़ी पत्रिका Outlook ने हमारा साक्षातकार लिया पर बहुत ही अभद्र भाषा में उसे छापा, लोग उसे पढ़के हतप्रभ थे कि इतनी बड़ी पत्रिका ऐसी भाषा का उपयोग कैसे कर सकती है।”
राजा भैया ने आगे बताया, “हमारे एक समर्थक से रहा नहीं गया और उन्होंने Outlook पर न्यायालय में मानहानि का मुकदमा कर दिया, न्यायचक्र चलता रहा और समय बीतता गया, अब फैसले का दिन निकट आ गया था।”
भैया ने लिखा, “उन्हें लगा कि निर्णय सत्य के पक्ष में होगा और उनके विपरीत जायेगा तो उन्होंने हमसे सम्पर्क किया, मुकदमा वापस लेने का अनुरोध किया और माफीनामा छापने पर सहमत हुए।”
उन्होंने लिखा, “उन्होंने उक्त माफीनामा छापा जो आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूं। यद्यपि 27 वर्ष बाद माफीनामा छापने से सार्वजनिक जीवन में हुई हानि की भरपाई नहीं की जा सकती है। मीडिया के लिए बहुत आसान है किसी को ‘हीरो’ या ‘खलनायक’ बना देना, खासकर मुझे लेकर बहुत ही अनर्गल बातें छप चुकी हैं, लेकिन कहते हैं ना कि साँच को आँच नहीं। सत्यमेव जयते।”
बात आज से 27 वर्ष पहले की है, देश की एक बड़ी पत्रिका Outlook ने हमारा साक्षातकार लिया पर बहुत ही अभद्र भाषा में उसे छापा, लोग उसे पढ़के हतप्रभ थे कि इतनी बड़ी पत्रिका ऐसी भाषा का उपयोग कैसे कर सकती है। किसी की नकारात्मक छवि बनाना मीडिया के लिए बड़ा आसान काम है।
— Raja Bhaiya (@Raghuraj_Bhadri) September 15, 2025
मीडिया भी जानती… pic.twitter.com/1ErIJaCRBl
क्या थी ‘आउटलुक’ की खबर?
जिस पूरी खबर को लेकर बवाल हुआ था उसकी जानकारी ‘आउटलुक’ ने अपने इस माफीनामे में दी है। आउटलुक ने लिखा है, “27 साल पहले, आउटलुक पत्रिका के 17 नवंबर 1997 के अंक में कुंवर रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ के बारे में ‘आज का मंत्री, कुंडा का गुंडा राजा’ शीर्षक से एक लेख प्रकाशित हुआ था।”
‘आउटलुक’ ने लिखा, “हमें खेद है कि इस लेख में ऐसे सुझाव और अभिव्यक्तियाँ शामिल थीं जिनसे पिछले कुछ वर्षों में उनकी प्रतिष्ठा को काफी नुकसान पहुँचा होगा। शीर्षक में ‘गुंडा’ शब्द का प्रयोग विशेष रूप से अनुचित था और इसने राजा भैया के बारे में झूठा नैरेटिव बनाया, इन्हें अब हम पूरी तरह से अनुचित मानते हैं।”
पत्रिका ने अपनी खबर में पेश की गई राय को वापस लेते हुए कहा, “राजा भैया को खबर के प्रकाशन के कारण हुई परेशानी, पीड़ा, चोट और प्रतिष्ठा को पहुँची क्षति के लिए गहरा और गंभीर खेद व्यक्त करती है।” आउटलुक की वेबसाइट पर भी इस लेख का लिंक अब उपलब्ध नहीं है।


