पीएम मोदी ने कहा कि जिस तरह से कोरोना वायरस अपने रूप बदल रहा है और नए स्ट्रेन सामने आ रहे हैं, डॉक्टर्स लगातार प्रोटोकॉल्स बनाने में सहायता कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विश्व के लिए कभी न कभी हमारे आदिवासी भाई-बहन केस स्टडी बनेंगे कि किस तरह से उन्होंने कोरोना से लड़ाई में अपनी सूझबूझ का परिचय दिया था।
भारतीय सार्वजनिक वित्त में सुधार के लिए हल्का धक्का देने वाली कहानी है। इस कहानी के मायने यह हैं कि राज्यों को अतिरिक्त धन प्राप्त करने के लिए प्रगतिशील नीतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
"इस तरह के घटनाक्रम हर उन नेताओं के द्वारा किए जाते हैं जिनको जनता ने बार बार नकारा है। ये कोई नई बात नहीं है। ये 2014 से पहले भी हुए हैं उसके बाद भी हुए हैं। 2019 के बाद भी हुए हैं।"
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि हमारे ऋषियों-मुनियों ने योग के लिए "समत्वम् योग उच्यते" ये परिभाषा दी थी। उन्होंने सुख-दुःख में समान रहने, संयम को एक तरह से योग का पैरामीटर बनाया था।
जनकल्याण के इसी क्रम में योगी सरकार ने राज्य के बेसहारा बुजुर्गों के लिए ‘एल्डरलाइन प्रोजेक्ट’ लॉन्च किया। इसके तहत बुजुर्गों की सहायता करने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।