अमेरिकी विशेषज्ञ ने COVID-19 संकट के बावजूद सबसे बड़ी उभरती शक्ति के रूप में भारत की प्रशंसा की और भारत की शक्ति संरचना को स्थिर और मोदी सरकार को सुरक्षित बताया।
पूरा कॉन्ग्रेस-लेफ्ट इकोसिस्टम 2024 तक इस बदलाव की झूठी उम्मीदों को जिन्दा रखने की पूरी कोशिश करेगा। फासीवाद का रोना रोकर भी जो अवसर न मिल पाया, इस इकोसिस्टम को वह अवसर कोरोना वायरस में दिखाई दिया है।
देश में कोरोना के हालात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (15 मई 2021) को हाई लेवल बैठक की। इस दौरान पीएम मोदी ने कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की।
ऐसा क्या है जिसने कॉन्ग्रेस को राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की वकालत करने के लिए मजबूर कर दिया है? किस कारण कॉन्ग्रेस और उसके युवराज राहुल गाँधी लगातार मोदी सरकार पर राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लगाने का दबाव बना रहे हैं?
मेडिकल क्षेत्र के जर्नल लैंसेट ने शनिवार को एक लेख प्रकाशित किया जहाँ भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते संक्रमण का पूरा ठीकरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फोड़ दिया गया।