सोशल मीडिया में किसान आंदोलनों के बीच बड़े स्तर पर शेयर किया जा रहा है। इससे पहले सीएए विरोधी आंदोलन के दौरान भी इसी तरह बच्चों में जहर भरने के मामले सामने आए थे।
'टूटर' के चर्चा में रहने की एक बड़ी वजह यह 'खबर' भी रही कि इस मंच को PM मोदी का समर्थन भी मिल चुका है। 'टूटर' पर पीएम मोदी का एक आधिकारिक अकाउंट भी मौजूद है।
क्या विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने जो ट्रम्प के साथ किया, वह भारत में पीएम मोदी के साथ भी हो सकता है? तो जान लीजिए, भारत, अमेरिका नहीं है और ना ही मोदी, ट्रम्प हैं।