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अहमदाबाद निकाय चुनाव में PM मोदी की भतीजी को भी नहीं मिला टिकट: पार्टी का यह नियम आया आड़े हाथ

1 फरवरी 2021 को भारतीय जनता पार्टी की गुजरात इकाई ने ऐलान किया था कि पार्टी के किसी भी नेता के रिश्तेदार को टिकट नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा ऐसे नेता जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है या जो 3 बार चुने जा चुके हैं उन्हें भी पार्टी चुनाव का टिकट नहीं देगी।

एक तरफ जहाँ देश की राजनीति में परिवारवाद और भाई भतीजावाद पर बहस छिड़ी है। वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भतीजी सोनल मोदी को आगामी अहमदाबाद निकाय चुनाव (ahemdabad municipal body election) के लिए भाजपा का टिकट नहीं मिला।  

पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी की भतीजी को अहमदाबाद के बोदकदेव वार्ड से निकाय चुनाव लड़ने के लिए टिकट देने से इंकार कर दिया है। गुजरात की भाजपा इकाई द्वारा जारी की उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम मौजूद नहीं था। सोनल मोदी गृहिणी हैं, उनका कहना है कि वह प्रधानमंत्री मोदी की भतीजी के रूप में चुनाव नहीं लड़ना चाहती हैं बल्कि एक आम प्रत्याशी के रूप में चुनाव का हिस्सा बनना चाहती हैं। संगठन उन्हें चुनाव लड़ने के लिए टिकट दे या न दे वह पार्टी के लिए समर्पित होकर अपना काम जारी रखेंगी। 

1 फरवरी 2021 को भारतीय जनता पार्टी की गुजरात इकाई ने ऐलान किया था कि पार्टी के किसी भी नेता के रिश्तेदार को टिकट नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा ऐसे नेता जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है या जो 3 बार चुने जा चुके हैं उन्हें भी पार्टी चुनाव का टिकट नहीं देगी। गुजरात भाजपा मुखिया सीआर पाटिल ने इस मुद्दे पर कहा कि यही नियम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भतीजी सोनल मोदी पर भी लागू होते हैं इसलिए उन्हें पार्टी के टिकट से वंचित रखा गया है।

इस बारे में मीडिया वालों से बात करते हुए नरेन्द्र मोदी के भाई और सोनल मोदी के पिता प्रहलाद मोदी ने कहा, “यह परिवारवाद का विषय नहीं है। हमारे परिवार ने अपने फ़ायदे के लिए कभी नरेन्द्र मोदी के नाम का इस्तेमाल नहीं किया। हम सभी ने अपनी रोटी खुद से कमाई है, मैं खुद एक राशन की दुकान चलाता हूँ। मैं नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उनके बंगले पर कभी नहीं गया। हम खुद एक साधारण जीवन जीते हैं।” प्रहलाद मोदी नरेन्द्र मोदी के बड़े भाई हैं और गुजरात उचित दर दुकान संघ (Gujarat Fair Price Shops Association) के अध्यक्ष भी हैं। 

गुजरात में 21 फरवरी को 6 नगरपालिका के चुनाव होने हैं, इसमें सूरत, अहमदाबाद, वड़ोदरा, राजकोट, जामनगर और भावनगर शामिल है। हाल ही में भाजपा की प्रदेश इकाई ने निकाय चुनाव के लिए 576 प्रत्याशियों की सूची जारी की थी। इसके अलावा 28 फरवरी को 81 नगरपालिकाओं, 231 तालुका पंचायत और 31 जिला पंचायत के चुनाव होने हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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