पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो लक्ष्य तय करते हैं, आलोचनाओं का सामना भी उन्हें ही करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वो अपने कर्तव्य को समझने के साथ-साथ उन लोगों से भी अपेक्षा करते हैं, जो सिर्फ अधिकारों की बात करते हैं।
राहुल गाँधी की नर्वसता उस दिन साफ़ देखी गई कि, जब राहुल गाँधी दिल्ली की इकलौती अपनी जनसभा में बोल बैठे, "6 महीने बाद मोदी को देश के युवा डंडा मारेंगे।" दिल्ली में कॉन्ग्रेस की इकलौती जनसभा में दिया राहुल गाँधी का यह बयान पार्टी के गले की फाँस बन गया, जिसे लेकर कॉन्ग्रेस पार्टी के कई बड़े नेताओं को सफाई तक देनी पड़ी।
"जो मोदी-शाह के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएगा वो सही मायने में मर्द-ए-मुजाहिद कह लाएगा। मैं वतन में रहूँगा, पर कागज नहीं दिखाऊँगा। कागज अग़र दिखाने की बात होगी, तो सीना दिखाएँगे कि मार गोली। मार दिल पे गोली मार, क्योंकि..."
पीएम ने ऐतिहासिक बोडोलैंड समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि अब असम में अनेक साथियों ने शांति और अहिंसा का मार्ग स्वीकार करने के साथ ही लोकतंत्र को स्वीकार किया है, भारत के संविधान को स्वीकार किया है। इससे 50 साल पुरानी समस्या का समाधान हुआ। बोडोलैंड क्षेत्र को 1500 करोड़ का पॅकेज भी मिलेगा।
प्रधानमंत्री के इस मजाकिया अंदाज़ से पक्ष ही नहीं बल्कि विपक्षी नेता भी बेंच थपथपाते नज़र आए। इनमें से एक कोडिकुन्नील रमेश भी शामिल थे। वो कॉन्ग्रेस के सांसद हैं लेकिन जब पीएम मोदी ने बिना नाम लिए राहुल गाँधी को 'ट्यूबलाइट' कहा तो वो अपनी हँसी नहीं रोक पाए।
"हम अगर उसी तरीके से चलते, जिस तरीके से आप लोग चलते हैं तो इस देश से अनुच्छेद 370 नहीं हटता, मुस्लिम बहनों को तीन तलाक की तलवार आज भी डराती रहती, नाबालिग से रेप के मामले में फाँसी की सजा का कानून नहीं बनता, राम जन्मभूमि आज भी विवादों में रहती, करतारपुर कॉरिडोर कभी नहीं बनता, भारत-बांग्लादेश सीमा विवाद कभी नहीं सुधरता।"
'टाइम्स नाउ' द्वारा करवाए गए हालिया सर्वेक्षण ने भाजपा समर्थकों का मनोबल गिराने का काम किया है। टाइम्स नाउ ने दावा किया है कि यह सर्वे जनवरी 27, 2020 और फरवरी 01, 2019 के बीच किया गया था, यानी कि ऐसी अवधि के दौरान जबकि भाजपा को बढ़त बनाते हुए देखा गया।
"यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि सोचा-समझा प्रयोग है। ये राष्ट्र की सौहार्दता को खंडित करने का एक कुत्सित प्रयास है। संविधान और तिरंगे को सामने रखते हुए ज्ञान बॉंटा जा रहा है और असली साजिश से ध्यान हटाया जा रहा है।"
पीएम मोदी ने इस बैठक में कहा कि CAA पर हमने कुछ भी गलत नहीं किया है, बल्कि हमको फ्रंटफुट पर और आक्रामक रहना है। बैठक में उन्होंने कहा कि CAA से किसी की नागरिकता नहीं जा रही है, बल्कि नागरिकता देने के लिए यह लाया गया है।
हाल ही में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित काजी मासूम अख्तर ने कहा कि मुझे अपने जीवन जीने से डर है और बंगाल में मेरी कभी भी हत्या की जा सकती है। उन्होंने सीएए के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन पर कहा कि इससे मुस्लिमों को डरने की कोई जरूरत नहीं है।