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Narendra Modi

36 दलों के नेताओं ने दिल्ली पहुँच BJP का किया समर्थन, ₹100 लाख करोड़ निवेश का लिया संकल्प

नीतीश कुमार, प्रकाश सिंह बादल और उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में सहयोगी दलों की बैठक हुई, जिसमें राजग सरकार की योजनाओं की प्रशंसा की गई। गठबंधन ने आगामी सरकार के दौरान 25 लाख करोड़ रुपए खेती को समर्पित करने का संकल्प लिया।

मोदी जीत गए तो क्या हुआ, उसके पंख कतर दिए जाएँगे: कॉन्ग्रेस ने स्वीकारी ‘Moral Victory’

नेशनल हेराल्ड ने मोदी की जीत को 'Pyrrhic Victory' कहा है। इसका अर्थ हुआ कि ऐसी जीत, जो हार के बराबर हो (सम्राट अशोक के कलिंग विजय की तुलना इससे कर सकते हैं, इसका अर्थ हुआ कि ऐसी जीत जिसमें विजेता को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा हो)। नेशनल हेराल्ड को उम्मीद है कि...

मोदी, शाह और भाजपा के 300+: कहाँ रहे सही और कहाँ हुई चूक

शहर के एलीट से लेकर गाँव का वंचित वर्ग भी मौक़ा मिलने पर मोदी सरकार के गुणगान करने से नहीं चूक रहा है। लेकिन, विपक्ष इन कोशिशों में जुटा हुआ है कि जनता के बीच भाजपा की कमियों और चूक को गिनवा कर उन्हें सत्ता से हटाया जाए ताकि देश में दोबारा से भ्रष्टाचार, घोटालों की राजनीति कायम हो सके।

न्यूज़ 24-चाणक्या Exit Poll: BJP+ 350 सीट, कॉन्ग्रेस+ 95 सीट, अन्य के खाते में 97

भाजपा और कॉन्ग्रेस गठबंधन को न्यूज़ 24-चाणक्या द्वारा एग्जिट पोल के तहत कितनी सीटें दी जा रही हैं, जानने के लिए जुड़े रहें हमारे साथ यहाँ पल-पल अपडेट के लिए। जैसे-जैसे एग्जिट पोल के तहत सीटों की संख्या आती जाएगी, हम आपको अपडेट करते रहेंगे।

इंडिया टुडे-एक्सिस Exit Poll: NDA: 339-368, UPA: 77-108, अन्य: 69-95

भाजपा और कॉन्ग्रेस गठबंधन को इंडिया टुडे-एक्सिस द्वारा एग्जिट पोल के तहत कितनी सीटें दी जा रही हैं, जानने के लिए जुड़े रहें हमारे साथ यहाँ पल-पल अपडेट के लिए। जैसे-जैसे एग्जिट पोल के तहत सीटों की संख्या आती जाएगी, हम आपको अपडेट करते रहेंगे।

लंगोट पहन पेड़ से उलटा लटक पत्तियाँ क्यों नहीं चबा रहे PM मोदी? मीडिया गिरोह के ‘मन की बात’

पद की भी कुछ मर्यादाएँ होती हैं और कुछ चीजें व्यक्तिगत सोच पर निर्भर करती है, यही तो हिन्दू धर्म की विशेषता है। वरना, कल होकर यह भी पूछा जा सकता है कि जब तक मोदी ख़ुद को बेल्ट से पीटते हुए नहीं घूमेंगे, उनका आध्यात्मिक दौरा अधूरा रहेगा।

वहाँ मोदी नहीं, सनातन आस्था अपनी रीढ़ सीधी कर रही है, इसीलिए कुछ को दिक्कत हो रही है

इंटेलेक्चु‌ल लेजिटिमेसी और फेसबुक पर प्रासंगिक बने रहने, ज्ञानी कहलाने और एक खास गिरोह के लोगो में स्वीकार्यता पाने के लिए आप भले ही मोदी की हर बात पर लेख लिखिए, लेकिन ध्यान रहे कुतर्कों, ठिठोलियों और मीम्स की उम्र छोटी होती है।

‘द क्विंट’ के राघव बहल को पान की दुकान पर कैसेट रिकॉर्डिंग का धंधा ज़्यादा सूट करता है

राघव बहल लाख राहुल को पूर्ण राजनेता मान लें, लेकिन राहुल गाँधी का दुर्भाग्य यह है कि वो भरी बारिश में काली माता के मंदिर में दिया जलाने जाते नहीं, और सिर्फ चुनावों के समय ही जनऊ पहनते हैं, राम भक्त और शिव भक्त बनते हैं। साथ ही, उनको एक्सिडेंटली भी, सर पर चोट लगने से ही सही, ज्ञान मिलने की संभावना दिखती नहीं क्योंकि उसके लिए भी पूर्व में अर्जित ज्ञान के लोप होने की बात ज़रूरी है।

मोदी ने राहुल का नाम लेकर कहा, ‘दया मत दिखाओ, मेरे माता-पिता की जो भी खबर है, ले आओ’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "मैं राहुल गाँधी से आग्रह करता हूँ, अगर मेरे माता-पिता ने कुछ गलत किया हो तो आकर बताइये। मुझ पर दया करने की कोई ज़रूरत नहीं।"

बनारस के लोगों ने राजदीप का मुँह किया बंद, कहा, ‘कॉन्ग्रेस का कोई एक काम बता दो’

सरदेसाई पर इस तरह से सीधा अटैक करने के बाद, कॉन्ग्रेस के लिए तमाम तरह से जीवन भर पैडलिंग करने के बावजूद, राजदीप के पास ऐसा एक भी काम नहीं था कॉन्ग्रेस का जिसे वो बनारस की जनता को गिना सकें। वहाँ बैठे बनारसियों ने उन्हें पानी पीला दिया और दुकान पर बैठे लोगों ने इस सन्नाटे को चीरने के लिए माहौल मोदी मय कर दिया। साथ ही यह भी बता दिया कि बनारस किसी के भड़कावे में नहीं आने वाला, वह विकास के साथ है, मोदी के साथ है।

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