1 लाख ग्राम पंचायतों में 'होम टू फाइबर नेट' भारतनेट कनेक्शन पहुँचाए जाएँगे। 6 लाख आंगनबाड़ी सेंटरों को मोबाइल फोन की सुविधा उपलब्ध करा 10 करोड़ परिवारों को विभिन्न फायदे पहुँचाने की व्यवस्था की गई है। 2025 तक 100 नए एयरपोर्ट का निर्माण किया जाएगा।
लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र के लिए 5958 करोड़ रुपए आवंटित किए गए। नवगठित संघ राज्यों के लिए 2020-21 में 30,757 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव है। इसमें से लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र के लिए 5958 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है।
रेलवे ट्रैक्स के साथ-साथ बड़े सोलर पॉवर कैपेसिटी का सेट-अप किया जाएगा। इसके लिए सोलर पावर ग्रिड रेल पटरी के किनारे बनेगा। इसके अलावा, 150 ट्रेन पीपीपी मोड में चलाने का फैसला किया गया है। मतलब तेजस जैसे ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी।
"पीएम कह चुके हैं कि इन्फास्ट्रक्चर पर अगले पाँच साल में 100 लाख करोड़ रुपए का निवेश होगा। हाउसिंग, स्वच्छ पानी, हेल्थकेयर, शिक्षण संस्थान, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, वेयरहाउसिंग, सिंचाई जैसे क्षेत्रों में निवेश होगा।"
स्वास्थ्य सेक्टर के लिए अतिरिक्त 69,000 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 'स्वच्छ भारत अभियान' के लिए 12,300 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। ग्रामिक क्षेत्रों में साफ़ पानी की व्यवस्था पर जोर देते हुए इस बार के बजट में 'जल जीवन मिशन' के लिए 3.6 लाख करोड़ रुपए की घोषणा की गई है।
किसानों के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा ऐलान करते हुए 16 सूत्रीय फॉर्मूला पेश किया। इसमें 20 लाख किसानों को सोलर पंप देने से लेकर किसानों के लिए स्पेशल रेल और 15 लाख करोड़ रुपए का कर्ज किसानों को...
पिछले महीने हुआ 1.1 लाख करोड़ रुपए का GST कलेक्शन अब तक का दूसरा सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। निर्मला सीतारमण ने बजट अभिभाषण के दौरान बताया कि इस वित्तीय वर्ष 16 लाख नए करदाता भी जोड़े गए हैं।
मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने सरकार को सलाह दी है कि मंद आर्थिक विकास दर को देखते हुए राजस्व घाटे से ज्यादा ग्रोथ पर ध्यान दिया जाए। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने पीएमओ के साथ बैठक में विदेशी निवेशकों को लुभाने पर जोर देने की वकालत की।
केंद्र सरकार ने अगस्त 2019 से ही कई ऐसे क़दम उठाए हैं, जिनसे बाजार में सकारात्मकता आई है और उम्मीद बंधी है कि सत्ता अर्थव्यवस्था को ठीक करने की दिशा में पहल कर रही है। साफ़ है कि बजट इस क्रम में इन प्रयासों की अगली कड़ी होगा। ये सरकार की उन नीतियों को आगे लेकर जाएगा, जिन्हें सरकार ने गिरती आर्थिक विकास दर को संभालने के लिए आजमाया है।
"जो लोग सीएए का विरोध कर रहे हैं, वे शरणार्थी शिविरों की बात क्यों नहीं कर रहे हैं। जो मानवाधिकार की बातें नहीं करते हैं वे ही सीएए के विरोध की बातें कर रहे हैं। शरणार्थी शिविरों को देखना अति कष्टदायी है। यह आँखों में आँसू ला देगा।"