Homeराजनीति'काॅन्ग्रेस ने बिना टेंडर अडानी को दिया था बंदरगाह': निर्मला सीतारमण ने राहुल गाँधी...

‘काॅन्ग्रेस ने बिना टेंडर अडानी को दिया था बंदरगाह’: निर्मला सीतारमण ने राहुल गाँधी को याद दिलाई करनी, कहा- झूठ बोलने और माफी माँगने की उन्हें आदत

निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि राफेल पर माफी माँगने से पहले राहुल गाँधी को आरएसएस के खिलाफ गलत बयानबाजी करने के लिए लिखित में माफी माँगनी पड़ी थी। उन्होंने कहा, "अब आज कह रहे हैं कि वह गाँधी हैं, सावरकर नहीं। क्या राहुल गाँधी यह भूल चुके हैं कि वो पहले दो बार माफी माँग चुके हैं।"

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा है कि राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) अडानी का नाम लेकर भाजपा पर आरोप लगाते हैं, लेकिन सच यह है कि कॉन्ग्रेस ने बिना किसी टेंडर के विझिंगम बंदरगाह अडानी को दिया था। सीतारमण ने कहा है कि भाजपा ने अडानी को कभी अनुचित लाभ नहीं दिया। राहुल गाँधी प्रधानमंत्री पर झूठे आरोप लगाकर बार-बार अपराध कर रहे हैं।

सीतारमण ने गुरुवार (6 अप्रैल 2023) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कहा, “राहुल गाँधी को लगता है कि अडानी को सभी चीजें दे दी गई हैं। यह सच नहीं है। सच्चाई यह है कि कॉन्ग्रेस ने थाली में सजाकर विझिंगम बंदरगाह अडानी को दे दिया था। यह किसी टेंडर के आधार पर नहीं दिया गया। अब वहाँ कॉन्ग्रेस की सरकार नहीं, बल्कि सीपीएम की सरकार है। उन्हें इस बारे में सवाल पूछने और केरल सरकार से उस आदेश को रद्द करने की माँग करने से किसने रोक रखा है?”

निर्मला सीतारमण ने आगे कहा, “मैं यह भी कहना चाहती हूँ कि राहुल गाँधी प्रधानमंत्री पर निराधार आरोप लगाकर बार-बार अपराध कर रहे हैं। राहुल गाँधी ने साल 2019 में भी ऐसा ही किया था। अब फिर से वही सब कर रहे हैं।”

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा है, “साल 2013 में जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह विदेश में थे तब राहुल गाँधी ने एक अध्यादेश को बकवास बताते हुए फाड़ दिया था और उसे कूड़ेदान में फेंक दिया था। राजस्थान में भी अडानी को पूरा सोलर पावर प्रोजेक्ट दे दिया गया। राहुल गाँधी सोलर प्रोजेक्ट को रद्द करने से कौन रोक रहा है? वह मोदी-अडानी भाई-भाई चिल्लाते हैं, राजस्थान में ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं?”

सीतारमण ने राहुल गाँधी पर हमला बोलते हुए कहा, “वह छत्तीसगढ़ में भी ऐसा क्यों नहीं कह पा रहे हैं? अगर साठ-गाँठ वाला पूँजीवाद कहीं हो रहा है तो यह सिर्फ कॉन्ग्रेस की सत्ता वाले राज्यों में ही हो रहा है। इस पर राहुल गाँधी एक शब्द भी नहीं बोलेंगे। अगर वह प्रधानमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं तो वे जाएँ और अपनी ही सरकारों के आदेशों को रद्द करें।”

वित्त मंत्री ने कहा है कि पहले तो वे झूठे आरोप लगाते हैं फिर उसे 100 बार दोहराते हैं। इसके बाद भगवान से प्रार्थना कर इसका लाभ उठाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि साल 2019 में राफेल को लेकर प्रधानमंत्री पर दिए गए अपने बयानों के लिए राहुल गाँधी को सुप्रीम कोर्ट में माफी माँगनी पड़ी थी।

निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि राफेल पर माफी माँगने से पहले राहुल गाँधी को आरएसएस के खिलाफ गलत बयानबाजी करने के लिए लिखित में माफी माँगनी पड़ी थी। उन्होंने कहा, “अब आज कह रहे हैं कि वह गाँधी हैं, सावरकर नहीं। क्या राहुल गाँधी यह भूल चुके हैं कि वो पहले दो बार माफी माँग चुके हैं।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -