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Parliament Session

लोकसभा में पास हुआ कृषि कानूनों की वापसी वाला बिल, कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित

संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने के पहले ही दिन सोमवार (29 नवंबर, 2021) को लोकसभा में कृषि कानूनों की वापसी वाला बिल पास कर दिया गया।

PM मोदी ने कहा- सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार, फिर भी नहीं सुधरा विपक्ष: संसद का शीत सत्र शुरू होते...

संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत होते ही विपक्ष हंगामा करने लगा। इसके चलते दोनों सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

बस नाम में शीत, गरमी भरपूर: संसद के इस सत्र में पश्मीना शॉल के अलावा और क्या-क्या होगा, सब कुछ एक साथ

संसद सत्र हंगामेदार होगा, यह भारतीय राजनीति के विशेषज्ञों और मीडिया का सबसे बासी क्लीशे है। असल में क्या होना है यह जानिए।

बिटकॉइन में लगे पैसे का क्या होगा, क्रिप्टोकरेंसी पर मोदी सरकार के बिल में क्या है: जानिए सब कुछ

क्रिप्टो करेंसी को लेकर सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक का फैसला चाहे जो हो, उस पर कानून और नियम बनाने का प्रस्ताव उचित दिशा में सही कदम है और इसका स्वागत होना चाहिए।

संसद में विपक्षी सांसदों ने मार्शलों का गला दबाया, राज्यसभा गठित कर सकती है जाँच कमिटी

टीएमसी नेता नासिर हुसैन, शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी और टीएमसी नेता अर्पिता घोष को सदन के वेल में पेपर फाड़कर पीठासीन अधिकारी के ऊपर फेंकते देखा गया।

‘हंगामा, कुर्सियाँ उछालें, हालात भयावह की धमकी और आरोप भी हम पर ही?’ – उपद्रवी विपक्ष पर 8 मंत्रियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस

संसद के मॉनसून सत्र के संपन्न होने के बाद केंद्र सरकार के 8 मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के अपनी बात रखी। उपद्रव के लिए विपक्ष को लगाई फटकार।

जानिए क्या है मोदी सरकार का OBC बिल, जिसके समर्थन को विपक्ष भी हुआ मजबूर: संसद का गतिरोध ख़त्म, चर्चा को भी तैयार

इसके तहत सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (SEBC) व OBC को चिह्नित करने व इसे लेकर अधिसूचना जारी करने का अधिकार राज्य सरकारों को मिलेगा।

‘जब बिल आया तो राहुल, सोनिया कहाँ थे?’ – कृषि बिल को लेकर सड़क पर भिड़े हरसिमरत कौर और कॉन्ग्रेस MP रवनीत सिंह: देखें...

शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ताओं के साथ हरसिमरत कौर बादल संसद भवन के बाहर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थीं, उसी दौरान उनकी कॉन्ग्रेस सांसद के साथ बहस हुई।

समर्थन ले लो… सस्ता, टिकाऊ समर्थन: हर व्यक्ति, संस्था, आंदोलन और गुट के लिए है राहुल गाँधी के पास झऊआ भर समर्थन!

औसत नेता समर्थन लेकर प्रधानमंत्री बनता है, बड़ा नेता बिना समर्थन के बनता है पर राहुल गाँधी समर्थन देकर बनना चाहते हैं।

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