इस परियोजना की परिकल्पना वर्ष 1971 में तत्कालीन कॉन्ग्रेस सरकार ने की थी, जिसे पाँच दशक से अधिक का समय हो गया है, लेकिन इस पर काम में तेजी योगी सरकार के दौरान आई है।
पीएम मोदी ने मन की बात में कहा, ''अमृत महोत्सव, सीखने के साथ ही हमें देश के लिए कुछ करने की भी प्रेरणा देता है। अब तो देश-भर में अमृत महोत्सव की गूँज है।''