राजेंद्र धरकार की तीनों भतीजियों में सबसे बड़ी 18 साल की है। उन्होंने हमें बताया कि पैसे न होने की वजह से उनकी पढ़ाई भी बंद हो चुकी है। 1990 में जो हुआ, उसके बाद...
सफ़ेद मार्बल के कारण गर्मी में श्रद्धालुओं के पाँव नहीं जलेंगे। फिर चौकी, नृत्य मंडप, रंग मंडप, गुण मंडप, उपासना मंडप, प्रार्थना मंडप और फिर गर्भ गृह मिलेगा।
स्मारक के आसपास कई प्राचीन कालीन अस्त्र-शस्त्र रखे हुए हैं। संदीप दास का दावा है कि उन शस्त्रों पर सदियों से जंग नहीं लगा है। स्मारक के ऊपर प्रतीकत्मक तौर पर राम, लक्ष्मण, भारत द्वारा किया गया पिंडदान रखा हुआ है।
सुरेश ने बताया कि उनके पिता मूल रूप से पड़ोसी जिले गोंडा के रहने वाले थे। अयोध्या में वो कमाने के लिए बसे थे। यहाँ वो एक ईंट-भट्ठे पर मुंशी का काम करते थे।