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छोटे से पोस्टकार्ड पर 21 हजार बार ‘राम-राम-राम…’ रघुवीर सिंह प्राण-प्रतिष्ठा से पहले भेजेंगे इसे अयोध्याधाम, 5 महीने से लगातार कर रहे मेहनत

आगरा के सिख रघुवीर सिंह अयोध्या राममंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दिन रामलला को 21 हजार राम नाम लिखा पोस्टकार्ड का उपहार भेजेंगे। इसके लिए वो बीते 5 महीने से रोज 1 घंटा लिखकर इसे तैयार कर रहे हैं।

अयोध्या में नवनिर्मित भव्य श्रीराम मंदिर में भगवान रामलला 22 जनवरी 2024 को विराजने जा रहे हैं। ऐसे में प्रभु की सेवा में श्रद्धालुओं से जो कुछ हो पा रहा है वो वह सब कर रहे हैं। जैसे आगरा के सिख रघुवीर सिंह, जो एक पोस्टकार्ड में 21 हजार बार राम नाम लिखकर उसे रामलला के पास भेजने की तैयारी में लगे हुए हैं। उन्होंने 16 साल पहले एक ही पोस्टकार्ड में 31480 बार राम नाम लिखकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भेजा था।

बकौल रघुवीर उन्होंने 2007 में फिरोजाबाद के कैला देवी मंदिर में हनुमान भक्तों को कागज पर राम का नाम लिखते देखा था। इसके बाद से ही उनके मन में कुछ अलग करने की इच्छा बलवती होती गई। बस फिर क्या था शुरुआत की पोस्टकार्ड पर 21 हजार बार गुरु नाम लिखकर। इसके बाद राम का नाम 30 हजार से अधिक बार लिखा।

मूल रूप से फिरोजाबाद के रहने वाले रघुबीर अभी आगरा के महर्षि पुरम में रहते हैं। पेशे से एक दवा कंपनी में एरिया मैनेजर रघुवीर ने राम मंदिर उद्घाटन के लिए पाँच महीने पहले उपहार स्वरूप 21 हजार राम नाम लिखा पोस्टकार्ड भेजने का फैसला लिया था। तब से वो रोजाना एक घंटे एक जगह बैठकर पोस्टकार्ड पर रामनाम लिखने का नियम बनाया।

वो पोस्टकार्ड में एक लाइन में लगभग 70 बार राम का नाम लिखते हैं। ये राम नाम इतना अधिक बारीकी से लिखा गया है कि बेहद पास से देखने पर ही राम नाम नजर में आता है। पोस्टकार्ड पर उनके लिखे राम नाम लेंस की मदद लेकर ही सहूलियत से पढ़े जा सकते हैं।

दैनिक जागरण के मुताबिक, रघुबीर को हर बार पाँच बार राम लिखने के बाद पेंसिल की नोंक को नुकीला करना पड़ता है। पहली बार उन्होंने 16 साल पहले पोस्टकार्ड पर राम नाम लिखा था। इसके बाद वो राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के लिए एक बार फिर पोस्टकार्ड पर राम नाम लिख रहे हैं।

रघुबीर बताते हैं कि 20 जनवरी,2024 तक वो पोस्टकार्ड पर राम नाम लिखने का काम पूरा कर लेंगे। इसके बाद पोस्टकार्ड को राममंदिर के लिए पोस्ट कर रवाना कर देंगे।

बताते चलें कि रघुवीर 86 बार रक्तदान कर चुके हैं। इस काम को वो बीते 19 साल से बिना नागा कर रहे हैं। यही नहीं उन्होंने लोगों को रक्तदान में मदद देने के लिए जीवन रक्षक ग्रुप बनाया था। इस ग्रुप में देश भर के रक्तदाता जुड़े। इस वजह से ये लोगों के बीच जीवन रक्षक नाम से भी जाने जाते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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