उद्धव ठाकरे ने कहा है कि कोर्ट का निर्णय कुछ भी आए लेकिन जिस तरह से कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला केंद्र सरकार के किया, उसे उसी हिम्मत से राम मंदिर का निर्माण भी शुरू करवाना चाहिए।
"हिंदुओं को पूजा करने का मौलिक अधिकार मुस्लिमों के संपत्ति के अधिकार से ऊपर है। जब भी दोनों के बीच कोई विवाद होता है, तो सुप्रीम कोर्ट हमेशा मौलित अधिकारों के पक्ष में फैसला सुनाता है। मुझे विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय नवंबर में हमारे पक्ष में अपना फैसला सुनाएगा।"
मुस्लिम पक्षकार राजीव धवन ने अदालत में दावा किया कि पहले हिंदू बाहर के अहाते में पूजा करते थे, लेकिन दिसंबर 22-23, 1949 की रात रामलला की मूर्ति को अवैध तरीके से मस्जिद के अंदर शिफ्ट कर दिया गया।
अयोध्या करोड़ों भारतीयों की आस्था का केंद्र बिंदु है। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होता है तो इससे करोड़ों भारतीयों की इच्छा पूरी होगी। उन्होंने कहा कि वो राम मंदिर निर्माण का समर्थन करते हैं।
इक़बाल अंसारी ने आरोप लगाया कि वर्तिका उन पर सुप्रीम कोर्ट से मामला वापस लेने का आरोप लगा रही थी। इक़बाल अंसारी के अनुसार, वर्तिका ने धमकी दी कि वह अंतरराष्ट्रीय शूटर हैं और बाबरी केस वापस न लेने पर उन्हें गोली मार देंगी।
"आप अपनी आस्था के साथ विश्वासघात कैसे कर सकते हैं? आपको इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे क्योंकि आपने ईश्वर की अवहेलना की है। मैं आपको श्राप देता हूँ कि..."
मुस्लिमों ने कहा कि श्रीराम उनके भी पूर्वज हैं और वे अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण में हिस्सा लेना चाहते हैं। हवन में हिस्सा ले रहे मुस्लिमों ने साफ़ कर दिया कि अयोध्या श्रीराम की भूमि है। इस दौरान उन्होंने 'जय श्री राम' के नारे भी लगाए।
रामजन्मभूमि पुनरुद्धार समिति ने अपनी दलीलें रखते हुए कहा कि तीन गुंबद वाली इमारत मस्जिद नहीं थी। मस्जिद में जिस तरह की चीज़ें ज़रूरी होती हैं, वो उसमें नहीं थी। विवादित ढाँचा बनवाने वाला कौन था, इस पर संदेह है।
सभी 20 एफिडेविट से यह स्पष्ट है कि मुस्लिमों ने यह स्वीकार किया है कि 1935 के बाद से ही उस स्थल पर नमाज़ नहीं पढ़ी जा रही है और इसीलिए अगर हिन्दुओं को यह ज़मीन वापस कर दी जाती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।