Wednesday, April 21, 2021
Home देश-समाज अगर राम जन्मस्थान को लेकर आस्था है तो इस पर सवाल नहीं उठा सकते:...

अगर राम जन्मस्थान को लेकर आस्था है तो इस पर सवाल नहीं उठा सकते: सुप्रीम कोर्ट

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट में स्कन्द पुराण का जिक्र, राम जन्मस्थान को न्यायिक व्यक्ति मानना और घुमक्कड़ों के यात्रा वृत्तांतों को आधार बनाना जैसे दलीलों के कारण हिन्दू पक्ष अपनी मजबूत उपस्थिति रख रहा है।

अयोध्या ममले की सुनवाई करते करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने साफ़-साफ़ कहा कि अगर श्रद्धालुओं की आस्था है कि यहाँ जन्मस्थान है तो इस पर सवाल नहीं उठाए जा सकते। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसी आस्था या विश्वास है कि वहाँ राम जन्मस्थान है तो इसे स्वीकार करना पड़ेगा। साथ ही कोर्ट ने मुस्लिम पक्षकार राजीव धवन को अपने ध्यान इस पर केंद्रित करने को कहा कि आख़िर राम जन्मस्थान को ‘न्यायिक व्यक्ति’ क्यों नहीं माना जा सकता? जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने हिन्दू पक्ष की इस दलील पर धवन से जवाब माँगा

उन्होंने राजीव धवन से उन सारे पहलुओं को स्पष्ट करने को कहा, जिसके आधार पर राम जन्मस्थान को न्यायिक व्यक्ति नहीं माना जाना चाहिए। राजीव धवन ने कोर्ट में दावा किया था कि हिन्दुओं द्वारा प्राचीन काल से राम जन्मस्थान में आस्था होने के कोई सबूत नहीं हैं। मुस्लिम पक्ष ने दावा किया कि बाबरी मस्जिद में 1934 से लेकर 1949 तक नियमित नमाज़ पढ़ी जाती थी। मुस्लिम पक्ष ने कहा कि इस फैक्ट को काटने के लिए किसी प्रकार का सबूत नहीं है।

मुस्लिम पक्ष की तरफ़ से वरिष्ठ वकील जफरयाब जिलानी भी पेश हुए। उन्होंने दलीलें रखते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद में जुमे के दिन अधिक लोग नमाज़ पढ़ने आते थे लेकिन प्रतिदिन मुस्लिम लोग यहाँ नमाज़ पढ़ने आया करते थे। वहीं राजीव धवन ने कहा कि स्कन्द पुराण और विदेशी तीर्थयात्रियों के अनुभवों के आधार पर इसे राम जन्मस्थान नहीं ठहराया जा सकता। हिन्दू पक्ष की पैरवी कर रहे वकील के पराशरण ने जन्मस्थान को न्यायिक व्यक्ति मानने और वैसे ही अधिकार देने की बात कह केस का रुख मोड़ दिया था।

के पराशरण को सुप्रीम कोर्ट के कई जज भारतीय न्याय व्यवस्था का भीष्म पितामह कहते रहे हैं। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट में स्कन्द पुराण का जिक्र, राम जन्मस्थान को न्यायिक व्यक्ति मानना और घुमक्कड़ों के यात्रा वृत्तांतों को आधार बनाना जैसे दलीलों के कारण हिन्दू पक्ष अपनी मजबूत उपस्थिति रख रहा है। मुस्लिम पक्ष ने अपना सारा ध्यान ये साबित करने में लगाया कि वहाँ नमाज़ होता था कहा कि नमाज़ के लिए इमाम की नियुक्ति होती थी, जिसके कागज़ात अभी भी मौजूद हैं।

राजीव धवन ने अदालत में दावा किया कि पहले हिंदू बाहर के अहाते में पूजा करते थे, लेकिन दिसंबर 22-23, 1949 की रात रामलला की मूर्ति को अवैध तरीके से मस्जिद के अंदर शिफ्ट कर दिया गया।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

देश को लॉकडाउन से बचाएँ, आजीविका के साधन बाधित न हों, राज्य सरकारें श्रमिकों में भरोसा जगाएँ: PM मोदी

"हमारा प्रयास है कि कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकते हुए आजीविका के साधन बाधित नहीं हों। केंद्र और राज्यों की सरकारों की मदद से श्रमिकों को भी वैक्सीन दी जाएगी। हमारी राज्य सरकारों से अपील है कि वो श्रमिकों में भरोसा जगाएँ।"

‘दिल्ली के अस्पतालों में कुछ ही घंटे का ऑक्सीजन बाकी’, केजरीवाल ने हाथ जोड़कर कहा- ‘मोदी सरकार जल्द करे इंतजाम’

“दिल्ली में ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। मैं फिर से केंद्र से अनुरोध करता हूँ दिल्ली को तत्काल ऑक्सीजन मुहैया कराई जाए। कुछ ही अस्पतालों में कुछ ही घंटों के लिए ऑक्सीजन बची हुई है।”

पत्रकारिता का पीपली लाइवः स्टूडियो से सेटिंग, श्मशान से बरखा दत्त ने रिपोर्टिंग की सजाई चिता

चलते-चलते कोरोना तक पहुँचे हैं। एक वर्ष पहले से किसी आशा में बैठे थे। विशेषज्ञ को लाकर चैनल पर बैठाया। वो बोला; इतने बिलियन संक्रमित होंगे। इतने मिलियन मर जाएँगे।

यूपी में दूसरी बार बिना मास्क धरे गए तो ₹10,000 जुर्माने के साथ फोटो भी होगी सार्वजनिक, थूकने पर 500 का फटका

उत्तर प्रदेश में पब्लिक प्लेस पर थूकने वालों के खिलाफ सख्ती करने का आदेश जारी किया गया है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति पब्लिक प्लेस में थूकते हुए पकड़ा गया तो उस पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

दिल्ली-महाराष्ट्र में लॉकडाउन: राहुल गाँधी ने एक बार फिर राज्यों की नाकामी के लिए मोदी सरकार को ठहराया जिम्मेदार

"प्रवासी एक बार फिर पलायन कर रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके बैंक खातों में रुपए डाले। लेकिन कोरोना फैलाने के लिए जनता को दोष देने वाली सरकार क्या ऐसा जन सहायक कदम उठाएगी?"

प्रचलित ख़बरें

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।

‘छोटा सा लॉकडाउन, दिल्ली छोड़कर न जाएँ’: इधर केजरीवाल ने किया 26 अप्रैल तक कर्फ्यू का ऐलान, उधर ठेकों पर लगी कतार

केजरीवाल सरकार ने 26 अप्रैल की सुबह 5 बजे तक तक दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त कर लेने का भरोसा दिलाया है।

नासिर ने बीड़ी सुलगाने के लिए माचिस जलाई, जलती तीली से लाइब्रेरी में आगः 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख

कर्नाटक के मैसूर की एक लाइब्रेरी में आग लगने से 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख हो गई थी। पुलिस ने सैयद नासिर को गिरफ्तार किया है।

‘सुअर के बच्चे BJP, सुअर के बच्चे CISF’: TMC नेता फिरहाद हाकिम ने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाया, Video वायरल

TMC नेता फिरहाद हाकिम का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें वह बीजेपी और केंद्रीय सुरक्षा बलों को 'सुअर' बता रहे हैं।

‘मैं इसे किस करूँगी, हाथ लगा कर दिखा’: मास्क के लिए टोका तो पुलिस पर भड़की महिला, खुद को बताया SI की बेटी-UPSC टॉपर

महिला ने धमकी देते हुए कहा कि उसका बाप पुलिस में SI के पद पर है। साथ ही दिल्ली पुलिस को 'भिखमंगा' कह कर सम्बोधित किया।

‘F@#k Bhakts!… तुम्हारे पापा और अक्षय कुमार सुंदर सा मंदिर बनवा रहे हैं’: कोरोना पर घृणा की कॉमेडी, जानलेवा दवाई की काटी पर्ची

"Fuck Bhakts! इस परिस्थिति के लिए सीधे वही जिम्मेदार हैं। मैं अब भी देख रहा हूँ कि उनमें से अधिकतर अभी भी उनका (पीएम मोदी) बचाव कर रहे हैं।"
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,304FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe