सुनवाई के दौरान जजों ने निर्मोही अखाड़ा से पूछा कि क्या आपके पास इस बात को कोई सबूत हैं जिससे आप साबित कर सके कि राम जन्मभूमि की जमीन पर आपका कब्जा है? इसके जवाब में निर्मोही अखाड़ा ने कहा कि 1982 में एक डकैती हुई थी, जिसमें उनके कागजात खो गए। इसके बाद जजों ने निर्मोही अखाड़ा से अन्य सबूत पेश करने को कहा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह आवश्यक है कि CBI जज एसके यादव इस मामले की सुनवाई पूरी कर फ़ैसला सुनाएँ। कोर्ट ने यहाँ तक कहा कि हम अनुच्छेद-142 के तहत आदेश जारी करेंगे कि उन्हें 30 सितंबर तक रिटायर न किया जाए।
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका में इस बात का उल्लेख नहीं किया गया है कि फ़िल्म के कौन से हिस्से या कंटेट के ज़रिए याचिकाकर्ता और उनके परिवार की भावनाएँ आहत हो रही हैं या उनकी गरिमा को ठेंस पहुँचाने का काम हो रहा है या फिर राष्ट्र की सम्प्रभुता के लिए ख़तरा है।
आज सुबह राम जन्म भूमि और बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई शुरू हुई, जिसके बाद एक बार फिर से इस मामले को अगले मंगलवार तक के लिए टाल दिया गया।
विवादित ढाँचा गिराए जाने से पूर्व ऐसे एक-दो नहीं बल्कि 14 स्तंभों को के के मुहम्मद की टीम ने प्रत्यक्ष देखा था। उसी प्रकार के स्तंभ और उसके नीचे के भाग में ईंट का चबूतरा विवादित ढाँचे की बगल में और पीछे के भाग में उत्खनन करने से प्राप्त हुआ था।