पीड़िता की मॉं का कहना है कि मुनीर ने फिरौती में चार लाख रुपए लेने के बाद भी उनकी बेटी को नहीं लौटाया। उसने कहा कि बच्ची ने इस्लाम कबूल कर लिया। उन्होंने अपनी अन्य बेटियों को अगवा किए जाने की आशंका भी जताई है।
जिस समय ये वारदात घटी उस समय बच्ची अपने घर में अकेली थी। उसके माता-पिता व बहन खेतों पर फसल की कटाई करने गए थे। देर शाम जब परिजन घर पहुँचे तो वहाँ का नजारा देख उनके होश उड़ गए। घर में बिटिया का शव नग्न अवस्था में मिला।
"हमारा रुख स्पष्ट है कि हम सभी राष्ट्रों से मौत की सजा का इस्तेमाल बंद करने या इस पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान करते हैं।" - संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि वैश्विक संगठन सभी देशों से मौत की सजा का इस्तेमाल बंद करने या इस पर प्रतिबंध लगाने की अपील करता है।
पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बच्ची की हालत को देखते हुए उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। आरोपित युवक हिरासत में लिया जा चुका है। युवक की पहचान रामपुर निवासी इरफान के रूप में हुई है।
कॉन्ग्रेस विधायक के साले पर आरोप है कि उसने की छात्रा को लिफ्ट देने के बहाने सुनसान जगह पर ले जाकर दुष्कर्म का प्रयास किया। इस मामले में पंचायत बिठाकर आरोपित को दो थप्पड़ लगाकर माफी मँगवाकर पूरे प्रकरण को दबाने का प्रयास किया गया।
पीड़िता ने शिकायत में कहा है कि शादी का वादा करने के बाद 2 जनवरी को अली उसे एक गेस्ट हाउस में ले गया। वहाँ उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। रेप के बाद अली फरार हो गया। उसने अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट भी डिलीट कर दिए।
पीड़िता के सौतले पिता मोहम्मद असलम खान (बदला हुआ नाम) ने पहली बार पीड़िता के साथ 7 साल की उम्र में दुष्कर्म किया था और फिर इसके बाद वो पीड़िता के 16 साल के होने तक उसके साथ रेप करता रहा।
गाँव के लोग मोहम्मद सरफराज को पुलिस के हवाले करने के बजाए पंचायत ले गए। पंचायत का फैसला आश्चर्यजनक रहा। फैसले के अनुसार, सरफराज को टकला करके जूते-चप्पल की माला पहनाकर गाँव में घुमाया गया और फिर छोड़ दिया गया। पीड़िता के पिता केस करना चाह रहे थे, लेकिन कुछ लोगों ने मना कर दिया।