महिला, उसके पति व शिशु को मार डालने के बाद नसीरुद्दीन ने उनकी 10 वर्षीय बेटी के साथ भी रेप किया। फिर उसने तीनों मृतकों की लाशों के साथ भी रेप किया, उसका वीडियो भी बनाया। इसके बाद उसने उनके 4 साल के बेटे पर भी हमला कर दिया। नसीरुद्दीन कई राज्यों में ऐसे भयावह अपराध को अंजाम दे चुका है। वह ड्रग्स और कंडोम लेकर चलता है।
अगर आँकड़ों की बात करें तो प्रति 1000 की जनसंख्या पर उन देशों में बलात्कार की औसत घटनाएँ भारत से ज्यादा ही होती हैं। यहाँ हम इस पर विचार कर रहे हैं कि क्या वेश्यावृत्ति और पोर्नोग्राफी को लीगल करने से रेप में कमी आएगी? इसका जवाब है- नहीं। इसके पीछे कई कारण हैं, जिन्हें आपको समझना होगा।
"अगर आपके आस-पास कोई व्यक्ति है तो फोन पर अपने किसी सम्बन्धी से बात करने का नाटक करें। ऐसा दिखाएँ कि वो सम्बन्धी कोई पुलिसवाला है और उससे बातचीत का ड्रामा करते हुए अपनी लोकेशन शेयर करें। इससे आप पर ग़लत नज़र रखने वाले डर जाएँगे।"
"मैं सम्बंधित मंत्रालयों से दरख्वास्त करती हूँ कि इतने कठोर क़ानून बनाए जाएँ कि कोई व्यक्ति किसी की बलात्कार करना तो दूर, किसी महिला की तरफ़ गलत नज़र से देखने से पहले भी 100 बार सोचे। मैं जया बच्चन के बयान का समर्थन करती हूँ।"
घटना के 4 दिन बाद मुख्यमंत्री केसीआर ने अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा कि वो इस ख़बर से व्यथित हैं। मुख्यमंत्री ने फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के बाद दोषियों को जल्द से जल्द सज़ा दिलाए जाने की बात कही है। लोग पुलिस व प्रशासन से नाराज़ हैं।
पीड़िता के पिता के अनुसार, उनकी बेटी के छात्रावास के कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया था। घटना से आहत पीड़िता के पिता के अलावा कॉलेज के कुछ अन्य छात्रों ने शव को लगभग 12 घंटे तक पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दिया।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस विषय पर लोकसभा में ऐसे अपराधों की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा हर सुझाव को स्वीकार करने की बात कही। दोनों सदनों में इस वीभत्स घटना को लेकर सभी पार्टियों के सांसदों ने क्षोभ प्रकट किया।
जहाँ पूरा देश डॉक्टर रेड्डी के साथ हुई जघन्यता के लिए इंसाफ की माँग कर रहा है, 'द क्विंट' इस बात को लेकर चिंतित है कि अब मुख्य आरोपित मोहम्मद आरिफ के जेल जाने के बाद मुख्य अभियुक्त आरिफ के परिवार का गुजारा कैसे होगा? पूरी रिपोर्ट में उसे 'बेचारा' साबित करने की कोशिश की गई है।
खुद को ‘कट्टर कॉन्ग्रेसी’ बताने वाले को जवाब देते हुए स्मृति ने कहा- देश भर की महिलाओं को इस तरह के शब्दों का सामना रोज करना पड़ता है। मुझे तो अब आदत पड़ गई है।
सभी दोषियों पर लम्बी कानूनी लड़ाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने घटना के दोषियों को फाँसी की सज़ा सुनाई थी, इसके बाद 29 अक्टूबर जेल प्रशासन ने चारों दोषियों को दया याचिका पर अर्जी देने के लिए सात दिन का वक़्त दिया था।