साल 2008, दो लड़कियाँ इंजिनियरिंग की पढ़ाई करती थीं - स्वपनिका और प्रनिथा। स्वपनिका को श्रीनिवास ने प्रोपोज किया। स्वपनिका ने ठुकरा दिया। लेकिन 'मर्द' श्रीनिवास ने इसे अपना अपमान समझा। अपने 2 दोस्तों के साथ मिलकर उसने स्वपनिका के साथ-साथ प्रनिथा पर भी एसिड फेंक दिया।
"वह अपनी माँ को पानी देने के लिए कह रही थी। मैंने उसे चुपचाप सोने के लिए कहा। उसने मुझसे पूछा 'तुम कौन हो?' और 'चोर, चोर, मम्मा, हमारे घर में एक चोर है' चिल्लाना शुरू कर दिया। मैंने उसे ईंट से मारा जो मैंने बिस्तर पर रखी थी। फिर मैंने उसके साथ भी वैसा ही (बलात्कार) किया।"
"खासतौर पर भारतीय लड़कियों को सेक्स एजुकेशन दी जानी चाहिए। खासतौर पर 18 साल की उम्र में आते ही उन्हें कॉन्डोम साथ लेकर चलना चाहिए। बहुत आम तर्क है, अगर मर्दों की इच्छाएँ पूरी होंगी तो वे महिलाओं को नहीं मारेंगे। सरकार को कुछ इस तरह की योजना बनानी चाहिए।"
बच्ची ने अब्दुल हामिद बहादुर अंसारी के कुकृत्यों के बारे में बताया, तो माता-पिता ने पुलिस में केस दर्ज कराया। आरोपित के ख़िलाफ़ पोस्को एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। उसे बुधवार को अदालत में पेश किया गया।
सिस्टर लिसी ने कहा, “मैं बयान दे रही हूँ क्योंकि मैं सच्चाई जानती हूँ। शिकायतकर्ता नन के साथ 2011 से मेरा व्यक्तिगत संबंध है। नन को न्याय मिलना चाहिए, मैं उसके साथ हूँ। मैं प्रार्थना करती हूँ कि उसे न्याय मिले।”
“आखिरी बार जब उसने मुझसे बात की थी, तो वो रास्ते में थी। उसने मुझसे फल काटकर रखने के लिए कहा था। उसने कहा था कि उसे बहुत भूख लगी है। लेकिन... मैं चाहती हूँ कि वे उसी तरह से जले, जैसे उसने मेरी बेटी को जलाया।”
महिला, उसके पति व शिशु को मार डालने के बाद नसीरुद्दीन ने उनकी 10 वर्षीय बेटी के साथ भी रेप किया। फिर उसने तीनों मृतकों की लाशों के साथ भी रेप किया, उसका वीडियो भी बनाया। इसके बाद उसने उनके 4 साल के बेटे पर भी हमला कर दिया। नसीरुद्दीन कई राज्यों में ऐसे भयावह अपराध को अंजाम दे चुका है। वह ड्रग्स और कंडोम लेकर चलता है।
अगर आँकड़ों की बात करें तो प्रति 1000 की जनसंख्या पर उन देशों में बलात्कार की औसत घटनाएँ भारत से ज्यादा ही होती हैं। यहाँ हम इस पर विचार कर रहे हैं कि क्या वेश्यावृत्ति और पोर्नोग्राफी को लीगल करने से रेप में कमी आएगी? इसका जवाब है- नहीं। इसके पीछे कई कारण हैं, जिन्हें आपको समझना होगा।