"विवाह संस्था किसी व्यक्ति को जो सुरक्षा, सामाजिक स्वीकृति, प्रगति और स्थिरता प्रदान करती है, वह कभी भी लिव-इन रिलेशनशिप द्वारा प्रदान नहीं की जाती है।"
दिल्ली सरकार के बाल विकास विभाग का अधिकारी रहते प्रेमोदय खाखा ने दोस्त की बेटी का जिस तरीके से शोषण किया, उसका दर्द जिस्मानी से कहीं अधिक जेहनी होता है, जो ताउम्र नासूर सा सालता रहता है।
इस चर्च की स्थापना 1992 में अजीत कुमार होरो ने की थी, क्योंकि उसे लूथरवाद का कोई चर्च दिल्ली में नहीं मिला। वो शाहदरा के ही बिहारी कॉलोनी में रहता था और वहीं चर्च बनाया गया।