संजय राउत ने शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' के सम्पादकीय में कहा था कि जो भी गोडसे से नफरत करते हैं, वह ज़रूर इशरत से मोहब्बत करते हैं। सामना के सम्पादकीय में लिखा था कि गोडसे के स्मारक की जगह क्या इशरत का स्मारक बनाया जाए?
शपथ ग्रहण का समय गठबंधन के अनुकूल नहीं। इस समय वृष आरोही है। शनि, शुक्र और चंद्रमा भी आठवें घर में, जो अंत समय को दर्शाता है। मंगल और बुध भी छठे स्थान पर, जो दुश्मनों का घर है। इसलिए ये गठबंधन उसी समय बिखर जाएगा, जब ये सभी ग्रह राहु-केतु के मध्य आएँगें।
चिदंबरम को 21 अगस्त को सीबीआई ने गिरफ़्तार किया था। उनके बेटे कार्ति चिदंबरम ने कहा है कि राहुल और प्रियंका का उनके पिता से मुलाक़ात करने का मतलब है कि पूरी कॉन्ग्रेस पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी के पीएम बनने की बात चलती थी तो बालासाहब पूछते थे कि प्रधानमंत्री का पद भिंडी बाजार में रखी कोई कुर्सी है क्या? बाल ठाकरे के ख़ून पसीनों से सींची हुई पार्टी ने उसके नाम पर शपथ ली, जिसके सामने झुकने वालों को वो हिजड़ा मानते थे।
बाल ठाकरे के निधन के बाद नितिन गडकरी ने कहा था, 'हिंदुत्व का विचार उनका हुँकार था'। मौत के 7 साल बाद उद्धव ठाकरे ने उस हुँकार को चीत्कार में बदल दिया है। बदले में मिली सीएम की कुर्सी, जिसकी बाल ठाकरे कभी रिमोट अपने पास रखते थे।
"मैंने 21 साल तक बिना पद, प्रतिष्ठा या टिकट की माँग के रात-दिन पार्टी के लिए काम किया। लेकिन जब शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एनसीपी और कॉन्ग्रेस से हाथ मिला लिया है तो... ज़मीर इजाजत नहीं दे रहा है। आधे-अधूरे मन से कोई काम नहीं करना चाहता, इसलिए इस्तीफ़ा दे रहा हूँ।"
प्रिया चौहान ने हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। इसमें उन्होंने कहा है कि राज्य में भाजपा-शिवसेना को जनता ने जनादेश दिया है। इसलिए उन्हें ही मिलकर सरकार बनानी चाहिए।
उद्धव ने इस दौरान आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए कहा कि शिवसेना क्या चीज है, अब पता चलेगा। उन्होंने एनसीपी के साथ गठजोड़ को सही बताते हुए यहाँ तक कह दिया कि उनका गठबंधन अगले 30 सालों तक चलेगा। विधायकों को निष्ठावान रहने की शपथ भी दिलाई गई।
“अजित पवार के रूप में उन्होंने एक भैंसे को अपने बाड़े में लाकर बाँध दिया है और भैंसे से दूध दुहने के लिए ‘ऑपरेशन कमल’ योजना बनाई है। यही लोग सत्ता ही उद्देश्य नहीं है, ऐसा प्रवचन झाड़ते हुए नैतिकता बघार रहे थे।"